May 14, 2026

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ट्रूडो का दावा निकला खोखला, खालिस्तानियों ने भारत के खिलाफ कर दिया ये ऐलान, जानें पूरा माजरा

नई दिल्ली। तमाम कोशिशों के बावजूद भी भारत और कनाडा के बीच जारी तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब खालिस्तानी समर्थकों ने आगामी रविवार को कनाडा के सर्रे स्थित गुरुद्वारे के पास एक विशाल रैली का आयोजन करने का ऐलान किया है। इस रैली में बड़ी संख्या में खालिस्तानी समर्थक शामिल होंगे, जो कि भारत के खिलाफ तकरीरें देंगे। आगामी दिनों में किस तरह से खालिस्तानी आंदोलन को विशाल स्वरूप दिया जाए? इस बारे में कार्यक्रम में रूपरेखा तैयार की जाएगी। बता दें कि कार्यक्रम में शामिल होने के बाबत सभी खालिस्तानी समर्थकों को निमंत्रण पत्र वितरित किए जा चुके हैं। सभी ने इस रैली में शामिल होने के लिए प्रति आश्वासन व्यक्त किया है। ध्यान दें कि यह कार्यक्रम ट्रूडो की नाक के नीचे आयोजित किया जा रहा है, लेकिन वो हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं, जबकि बीते दिनों ही उन्होंने भारत के साथ अपने संबंधों को मधुर रखने की बात कही थी और इस बात पर भी जोर दिया था कि दोनों देशों का हित इसी में है कि वो आपस में अपने संबंधों में मधुर रखे, लेकिन अब उनके ये दावे खोलखे साबित होते हुए नजर आ रहे हैं।

गौर करने वाली बात है कि जिस तरह से खालिस्तानियों ने ट्रूडो की नाक के नीचे भारत के विरोध में कार्यक्रम आयोजन करने का ऐलान किया है, उससे एक बात तो साफ हो चुकी है कि ट्रूडो खालिस्तानियों के आगे अपने हाथियार डाल चुके हैं। अब आगामी दिनों में ट्रूडो का क्या रुख रहता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। वहीं, बीते शुक्रवार को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ द्विवपक्षीय वार्ता के दौरान एस जयशंकर ने कनाडा के साथ जारी विवाद पर कई पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की थी, जिसमें उन्होंने उन सभी वजहों का खुलासा किया था कि जिसकी वजह से भारत और कनाडा के बीच विवाद जारी है।

विदेश मंत्री ने बताया कि कनाडा में भारतीय राजनयिकों की जान को खतरा है, जिसे ध्यान में रखते हुए कनाडा के नागरिकों को वीजा दिए जाने पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, बीते दिनों बयान जारी कर कनाडा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। बता दें कि इससे पहले एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र से भी हुंकार भरते हुए कनाडा की जमकर क्लास लगाई थी, जिसके ट्रूडो के सख्त तेवर नरम पड़ गए थे।

दरअसल, बीते दिनों हाउस ऑफ कॉमन्स में अपने संबोधन में ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत के शामिल होने का आरोप लगाया था, लेकिन भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था, जिसके बाद तिलमिलाए कनाडा ने भारत के राजदूत को अपने यहां से निष्कासित कर दिया था, जिसके बाद भारत ने भी कनाडाई राजनयिक को निष्कासित कर दिया। इससे दोनों देशों के बीच विवाद अपने चरम पर पहुंच चुका है। उधर, विदेश मंत्रालय ने कनाडा में भारतीय राजनयिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कनाडा के नागरिकों को वीजा दिए जाने पर रोक लगा दी। बहरहाल अब आगामी दिनों में देशों के बीच जारी रिश्तों की सूरत कैसी रहती है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

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