June 2, 2026

Hind foucs news

hindi new update

दिल्ली और एनसीआर में आज भी जबरदस्त प्रदूषण, पंजाब में एक दिन में सबसे ज्यादा पराली जलाने के मामले दर्ज

नई दिल्ली/चंडीगढ़। दिल्ली और एनसीआर में रहने वालों को हवा में घुले जहर से निजात मिलती नहीं दिख रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक दिल्ली में जगह-जगह एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई लगातार 400 से ऊपर यानी गंभीर स्थिति में बना हुआ है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े बता रहे हैं कि आज सुबह दिल्लीके आरके पुरम में एक्यूआई 466 मापी गई। जबकि, आईटीओ में एक्यूआई 402, पटपड़गंज में 471 और न्यू मोतीबाग में 488 दर्ज हुई। उधर, पंजाब में रविवार को इस सीजन के एक दिन में पराली जलने के सबसे ज्यादा मामले सामने आए। रविवार को सबसे ज्यादा पराली सीएम भगवंत मान के जिले संगरूर में जलाई गई।

रविवार यानी 5 नवंबर की तारीख देखें, तो पंजाब में पिछले साल के मुकाबले इस बार पराली जलने के मामले कम हुए हैं, लेकिन बीते कल पंजाब में 3230 जगह पराली जलाई गई। पंजाब में 5 नवंबर 2022 तक पराली जलाने के 29400 मामले दर्ज हुए थे। इस बार 5 नवंबर तक पराली जलाने के 17403 मामले सामने आए हैं। ये पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है। सीएम मान के जिले में पराली जलाने की 551 घटनाएं हुईं। जबकि, फिरोजपुर में 299, मानसा में 293 बठिंडा में 247, बरनाला में 189, लुधियाना में 184, मोगा में 179, तरनतारन में 177, पटियाला में 169, फरीदकोट में 163, जालंधर में 155 और कपूरथला जिले में 119 जगह किसानों ने पराली जलाई।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय हालांकि दावा करते रहे हैं कि पंजाब में पराली जलाए जाने से दिल्ली में प्रदूषण नहीं बढ़ रहा है। उनका दावा है कि हरियाणा और पश्चिमी यूपी में पराली जलाए जाने का असर दिल्ली में बढ़ते एक्यूआई पर पड़ रहा है। बहरहाल, दिल्ली और एनसीआर के तमाम इलाकों में जबरदस्त प्रदूषण से लोग हलकान हैं। राष्ट्रीय राजधानी में स्कूलों को बंद करना पड़ा है और अब ग्रैप GRAP 4 को भी लागू कर तमाम और प्रतिबंध लगाए गए हैं। इस सीजन में अब तक बारिश न होने से भी हालात बहुत खराब हैं। बारिश से प्रदूषण काफी हद तक कम हो जाता, लेकिन मौसम विभाग के मुताबिक अभी बारिश होने के आसार भी नहीं हैं। ऐसे में अभी 9-10 दिन तक दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में रहने वालों को इसी दमघोंटू और आंखों में जलन पैदा करने वाली हवा के बीच ही जिंदगी गुजारनी पड़ सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *