June 3, 2026

Hind foucs news

hindi new update

जेल में अब कटेगी रात, UP-झारखंड में नहीं मिली सरकारी नौकरी तो फर्जी प्रमाण पत्र की चली चाल

अपने प्रदेश में सरकारी नौकरी नहीं मिली तो UP, बिहार, झारखंड सहित अन्य राज्यों से बेरोजगार युवक ने ऐसे चाल चली की पुलिस भी दंग रह गई। जांच के बाद नौकरी तो हाथ से जाएगी ही और साथ में अब जेल में रात कटेगी। यूपी, झारखंड समेत अन्य राज्यों के युवा स्थानीय स्तर पर दसवीं के प्रमाण पत्रों में हेराफेरी कर रहे हैं और बाद में नौकरी के लिए उत्तराखंड के दूरस्थ गांवों को चयनित कर रहे हैं। डाक विभाग में विभिन्न पदों पर दसवीं कक्षा के अंकों के आधार पर होने वाली चयन प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेज का बड़ा खेल चल रहा है।

डाक विभाग में कार्यरत चार कर्मचारियों के दस्तावेज अभिलेख सत्यापन के दौरान फर्जी पाए गए हैं। विभाग ने चारों को बर्खास्त करते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज किया है। देशभर में इन दिनों सहायक शाखा डाकपाल (जीडीएस एबीपीएम) पद पर चयन दसवीं के अंकों के आधार पर होता है। यानि की जिसके प्राप्तांक अधिक होंगे उसे ही नौकरी मिलेगी।

इसका ही फायदा उठाकर विभिन्न राज्यों के युवा अपना दसवीं का फर्जी प्रमाणपत्र बनवा रहे हैं और नौकरी पा रहे हैं। सीमांत जनपद के विभिन्न डाकघरों में एक के बाद एक फर्जी दस्तावेज के जरिए नौकरी कर रहे कर्मचारी सामने आ रहे हैं। हैरानी की बात है कि इनमें अधिकतर कर्मी उत्तराखंड से बाहर के हैं।

केस-1: 
बेरीनाग के सेराबडोली शाखा में यूपी प्रयागराज निवासी सचिन की बतौर एबीपीएम पद पर तैनाती हुई। ऑनलाइन जीडीएस भर्ती प्रक्रिया के तहत उनकी पहली पोस्टिंग थी। हाईस्कूल प्रमाण पत्र के सत्यापन के दौरान प्राप्तांकों में भिन्नता मिली। विभाग ने सचिन को नौकरी से हटा दिया।

केस-2: 
झारखंड जमशेदपुर के श्रीकांत तिवारी ने वर्ष 2021 में जनपद के मुवानी डाकघर के लिए एबीपीएम पद के लिए आवेदन किया। चयन प्रकिया पूरी होने के बाद दस्तावेजों की जांच हुई तो अनुक्रमांक फर्जी पाया गया। इस पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

केस-3: 
थल के बरसायत डाकघर में कार्यरत अनिल कुमार शुक्ला भी बैंगलुरू से नौकरी पहुंचे। वर्ष 2021 के दौरान ही उनका एबीपीएम पद पर चयन हुआ। अभिलेख सत्यापन के दौरान उनकी ओर से प्रस्तुत माध्यमिक शिक्षा परिषद वर्ष 2007 का अनुक्रमांक फर्जी पाया गया है।

केस-4: 
यूपी हाथरस निवासी हर्षवर्धन ने जीडीएस ऑनलाइन भर्ती 2021 के दौरान डीडीहाट उपमंडल के बजानी शाखा में मैरिट के आधार पर उनका चयन हुआ। ज्वाइंनिग के बाद विभाग ने शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान दस्तावेज फर्जी पाया गया है।

सत्यापन के दौरान कर्मचारियों के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। उक्त कर्मचारियों को बर्खास्त करते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया है। –
अंबरीष कुमार, डाक विभाग।

डाक विभाग की ओर से तहरीर मिली है। मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
मोहन चंद्र पांडे, प्रभारी निरीक्षक डीडीहाट।

NEWS SOURCE : livehindustan

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *