अरविंद केजरीवाल की एक शर्त से ईडी के सामने फंसा पेच!, जानिए क्या है मामला
नई दिल्ली। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के सवालों का जवाब देने पर आखिरकार हामी भरी है। अरविंद केजरीवाल ने इसके लिए ईडी को 12 मार्च के बाद की कोई तारीख तय करने के लिए भी कहा है, लेकिन उन्होंने साथ ही ये शर्त भी जोड़ दी है कि ईडी के सवालों के जवाब वो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से देंगे। इसी शर्त के कारण अरविंद केजरीवाल से पूछताछ का इरादा रखने वाली ईडी के सामने एक पेच फंस गया है।
दरअसल, जब ईडी या सीबीआई जैसी जांच एजेंसियां किसी को तलब कर पूछताछ करती हैं, तो आरोपी या गवाह को खुद अपने हाथ से कागज पर जवाब लिखकर देना होता है। हर सवाल का जवाब लिखित में ही जांच एजेंसियां लेती हैं। इसके अलावा जिन कागजों पर आरोपी या गवाह जवाब लिखता है, उसमें उसके दस्तखत भी लिए जाते हैं। अब अगर अरविंद केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ईडी के सामने पेश होते भी हैं, तो जांच एजेंसी को वो लिखित में दस्तखत किया हुआ जवाब कैसे देंगे?
इसी पेच की वजह से शायद ईडी अब एक बार फिर उनको अपने दफ्तर में ही बुलाना चाहेगी। वैसे, ईडी के अफसर अरविंद केजरीवाल के आवास जाकर भी पूछताछ कर सकते हैं। जैसा कि झारखंड के सीएम रहे हेमंत सोरेन के मामले में ईडी ने किया था। अरविंद केजरीवाल से ईडी के अफसर दिल्ली में कथित तौर पर हुए शराब घोटाले के सिलसिले में पूछताछ करना चाहते हैं। दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर के आदेश पर शराब घोटाले की जांच सीबीआई ने की थी। सीबीआई इस मामले में अरविंद केजरीवाल से पूछताछ भी कर चुकी है।
वहीं, ईडी ने बाद में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की और दिल्ली के डिप्टी सीएम रहे मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसके बाद ही ईडी ने एक के बाद एक 8 समन केजरीवाल को भेजे। केजरीवाल ने पहले समन पर कहा था कि 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के कारण वो पेश नहीं हो सकते। एक अन्य समन पर उन्होंने ईडी से कहा कि विपश्यना के कारण पंजाब जा रहे हैं। वहीं, बाकी समन को उन्होंने अवैध बताया था और कहा था कि राजनीतिक कारणों से ईडी समन भेज रही है। केजरीवाल के पेश न होने पर ईडी ने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। कोर्ट में केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश हुए थे। इस मामले में कोर्ट ने प्रथम दृष्टया कहा है कि ईडी की तरफ से केजरीवाल को भेजे गए समन नियमों के तहत ही हैं।
