जातिगत जनगणना के मुद्दे पर पीएम मोदी से मिलने पहुंचा 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल
नई दिल्ली। देश में बीते कई समय से जातिगत जनगणना की मांग की जा रही थी। वहीं जातिगत जनगणना को लेकर बिहार में सियासत भी जोरों पर है। इसी क्रम में आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ तेजस्वी यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे। पीएम मोदी से मुलाकात से पहले नीतीश कुमार ने ये कहा था कि वो पीएम से मिलने जा रहें हैं।
उनकी मांग है कि देश में जातिगत जनगणना करवाई जाए। पीएम मोदी से होने वाली इस मुलाकात को इसलिए भी खास माना जा रहा था क्योंकि नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के साथ ही विपक्षी दलों के दस अन्य नेता भी इसमें शामिल थे। पीएम से मुलाकात से पहले राजद नेता तेजस्वी यादव ने ये कहा कि दो बार बिहार विधानसभा में जातीय जनगणना का प्रस्ताव पारित हो चुका है। आखिरी जातीय जनगणना सन् 1931 में हुई। पहले 10-10 साल के अंतराल में जातीय जनगणना होती रही है। ऐसे में हम जनगणना कराने की मांग कर रहे हैं क्योंकि इससे सही आंकड़े सामने आ पाएंगे। जनगणना की सहायता से हम लोगों को बजट में योजना बनाने में आसानी होगी।
भाजपा के कई नेता भी कर रहे थे मांग
भाजपा के अंदर भी देश में जातिगत जनगणना को लेकर मांग उठाई जाने लगी है। भाजपा के कई नेता इसे लेकर मांग कर रहे हैं। पीएम मोदी से होने वाली इस मुलाकात को लेकर माना जा रहा था कि भाजपा नेता व बिहार सरकार में मंत्री जनक राम भी प्रधानमंत्री के सामने यह मांग उठा सकते हैं।
11 दलों का प्रतिनिधिमंडल में ये हैं शामिल
पीएम मोदी से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा, एआईएमआईएम से अख्तरुल इमान, मुकेश सहनी, सीपीआईएमएल से महबूब आलम, सीपीआई से सूर्यकांत पासवान, पूर्व सीएम जीतन राम मांझी, सीपीएम अजय कुमार भी शामिल रहें।
