हार्वर्ड तक पहुंची इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन की आंच, विवि कैंपस में अमेरिका का झंडा हटाकर लगाया गया फिलीस्तीन का फ्लैग
नई दिल्ली। अमेरिका में फिलीस्तीन के समर्थन और इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। गाजा पट्टी में इजरायल द्वारा की गई हालिया कार्रवाई के विरोध में सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थी अमेरिका की सड़कों पर उतरे हुए हैं। इन विरोध प्रदर्शन की आंच अमेरिका की विश्व प्रसिद्ध हार्वर्ड यूनिवर्सिटी तक पहुंच गई है। प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी कैंपस में लगे अमेरिका के झंडे को हटाकर उसकी जगह फिलीस्तीन का झंडा लगा दिया।
खबरों के मुताबिक अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी, इंडियाना यूनिवर्सिटी, अरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी और वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी सहित लगभग 30 विश्वविद्यालयों में इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है जिसमें 900 से ज्यादा स्टूडेंट्स को गिरफ्तार किया गया है। हार्वर्ड यूनीवर्सिटी के कैंपस में लगी जॉन हार्वर्ड की प्रतिमा पर लगे अमेरिकी झंडे को हटाकर उसकी जगह फिलीस्तीन का झंडा लगाने की घटना की यूनिवर्सिटी की ओर से कड़े रुख के साथ निंदा की गई है। इस संबंध में यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि इस कार्रवाई में शामिल सभी प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल अमेरिका में इजरायल के खिलाफ प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि गाजा पट्टी में स्थायी रूप से सीजफायर लागू किया जाए। इसके साथ ही अमेरिका की ओर से इजरायल को दी जा रही सैन्य सहायता को भी तत्काल रोक दिया जाए। इन्हीं मांगों को लेकर अमेरिका में हजारों प्रदर्शनकारी विद्यार्थी सड़कों पर उतर आए हैं। इस संबंध में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ने अपनी टिप्पणी में इन प्रदर्शनों को खतरनाक करार देते हुए तत्काल इनको रोकने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी इजरायल के खिलाफ विद्यार्थियों द्वारा किए जा रहे विरोधी प्रदर्शन की कड़ी निंदा की है। दूसरी ओर कोलंबिया यूनिवर्सिटी समेत कई अन्य विश्वविद्यालयों के सैकड़ों प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई करते हुए उनको निलंबित कर दिया गया है।
