जानिए क्या होता है हाइपोग्लाइसीमिया?, जिसके कारण दिल्ली की मंत्री आतिशी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा
नई दिल्ली। दिल्ली की मंत्री आतिशी को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। वो दिल्ली को हरियाणा से पानी न मिलने का आरोप लगाकर पिछले 4 दिन से सत्याग्रह कर रही थीं। आतिशी के बारे में आम आदमी पार्टी का कहना है कि उन्होंने भोजन त्याग दिया था। जिसकी वजह से लगातार उनका शुगर लेवल घट रहा था। कीटोन बढ़ने की बात भी डॉक्टर ने कही थी।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि सोमवार को जब आतिशी का ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया, तो शुगर का लेवल 46 आया। वहीं, पोर्टेबल मशीन से जांचने पर आतिशी का ब्लड शुगर लेवल 36 पाया गया। उसके बाद ही आतिशी को अस्पताल ले जाने का फैसला हुआ। हालांकि, डॉक्टरों ने सोमवार को ही आतिशी को सलाह दी थी कि उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। जिसके कारण अब अस्पताल जाना चाहिए, लेकिन आतिशी ने एलान कर रखा था कि दिल्ली को जब तक हरियाणा से पानी नहीं मिल जाता, तब तक वो सत्याग्रह बंद नहीं करेंगी।
अब आपको बताते हैं कि आखिर स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल कितना होना चाहिए। स्वस्थ व्यक्ति में ब्लड शुगर का लेवल 90 से 100 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर होना चाहिए। इससे ज्यादा होने पर व्यक्ति को शुगर की बीमारी हो जाती है। जबकि, मानक से कम ब्लड शुगर होने पर शरीर के तमाम अंगों के काम करना बंद करने का खतरा रहता है। किसी भी हालत में ब्लड शुगर का लेवल 70 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से कम नहीं होना चाहिए। इससे कम ब्लड शुगर होने को हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं।
ब्लड शुगर लेवल कम होने से चक्कर आते हैं। कमजोरी लगती है। पसीना आने लगता है। दिमाग काम करना बंद कर देता है। ये सभी संकेत मिलते ही तत्काल शुगर लेवल बढ़ाने के लिए मीठी चीज मसलन चॉकलेट, टॉफी या चीनी खिलानी चाहिए। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती होने पर डॉक्टर मरीज को डेक्स्ट्रोज चढ़ाते हैं।
