April 26, 2026

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विवादों में घिरीं आईएएस पूजा खेडकर के बारे में एक और खुलासा, ज्वॉइन करने से पहले ही करने लगी थीं इन चीजों की मांग

मुंबई। विवादों में घिरीं आईएएस पूजा खेडकर के बारे में खुलासों का दौर जारी है। ताजा खुलासा ये हुआ है कि पुणे कलेक्टर दफ्तर में ज्वॉइन करने से पहले ही उन्होंने वाट्सएप पर बात करते हुए बैठने की व्यवस्था और वाहन की मांग रख दी थी। खुलासा ये भी हुआ है कि सिविल सेवा परीक्षा देते वक्त पूजा खेडकर ने ये बताया था कि वो मानसिक तौर पर दिव्यांग हैं और देखने की भी समस्या उनको है। इसके बाद भी आईएएस में पूजा खेडकर का चयन हो गया।

पूजा खेडकर के मामले की जांच के लिए केंद्र सरकार ने एक कमेटी भी बिठाई है। खास बात ये है कि जब आईएएस के लिए पूजा खेडकर का चयन हुआ, तो वो लगातार मेडिकल टेस्ट से बचती रहीं। इसके अलावा एक प्राइवेट इमेजिंग सेंटर से एमआरआई की रिपोर्ट जमा की। मीडिया की खबरों के मुताबिक पूजा खेडकर की इस एमआरआई रिपोर्ट को यूपीएससी ने मानने से इनकार किया था। ये भी जानकारी आ रही है कि पूजा खेडकर की नियुक्ति का यूपीएससी ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल में विरोध भी किया था। यही नहीं, पूजा खेडकर क्रीमी लेयर के मामले में भी सवालों के घेरे में हैं। उनके पिता भी प्रशासनिक अधिकारी थे। उन्होंने जितनी संपत्ति का डिक्लेरेशन दिया, उसके तहत पूजा को क्रीमी लेयर के तहत छूट नहीं मिलनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने छूट का आवेदन दिया।

इस मामले में पूजा खेडकर ने गुरुवार को मीडिया के पूछने पर कहा था कि सरकारी सेवा के नियम उनको कुछ भी बोलने से मना करते हैं। बता दें कि निजी ऑडी गाड़ी में लाल बत्ती लगाने, दफ्तर में सीनियर के कमरे पर कब्जा कर अपनी नेम प्लेट लगाने के आरोपों में पूजा खेडकर घिरी हैं। विवाद होने के बाद पूजा खेडकर का तबादला पुणे कलेक्टर दफ्तर से वाशिम कर दिया गया था। पूजा खेडकर आईएएस की नौकरी के तहत अभी प्रोबेशन पर हैं।