April 26, 2026

Hind foucs news

hindi new update

नीति आयोग की बैठक में क्या सच में ममता बनर्जी को बोलने से रोका गया? जानिए क्या है उनके दावे की सच्चाई

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तेवर दिखाते हुए नीति आयोग की बैठक को बीच में ही छोड़कर बाहर आ गईं। बैठक से बाहर निकल ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे अपनी बात रखने के लिए सिर्फ पांच मिनट का समय दिया गया और मेरा माइक बंद कर दिया गया, जबकि अन्य एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को 20 मिनट तक बोलने दिया गया। हालांकि, सरकारी सूत्रों ने ममता के इस दावे का खंडन किया है। सरकार की तरफ से यह कहा है कि उनके बोलने का समय समाप्त हो गया था लेकिन यहां तक ​​कि इसे चिह्नित करने के लिए घंटी भी नहीं बजाई गई।

आपको बता दें कि नीति आयोग की इस बैठक को लेकर शुरू से ही काफी गहमा गहमी मची हुई है। विपक्ष के इंडी गठबंधन ने इस बैठक का बहिष्कार किया है। ऐसे में ममता बनर्जी ने विपक्ष के बहिष्कार को दरकिनार करते इस बैठक में शामिल होने की बात कहकर सबको चौंका दिया था। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि यह मेरा अपनाम है और अब मैं भविष्य में इस तरह की कोई भी मीटिंग अटैंड नहीं करूंगी। ममता ने कहा कि जब मैंने पश्चिम बंगाल के लिए फंड की मांग की तो मेरा माइक बंद कर दिया गया। ममता ने कहा कि नीति आयोग को खत्म करके प्लानिंग कमीशन को लागू करने की मांग की।

पहले ऐसी चर्चा थी कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी नीति आयोग की आज की बैठक में हिस्सा लेंगे लेकिन वो बैठक में नहीं पहुंचे। इसके अतिरिक्त बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस बैठक में हिस्सा नहीं ले रहे हैं। ऐसे में नीतीश के बैठक से नदारद रहने पर भी सवाल उठ रहे हैं। नीति आयोग की आज की बैठक की थीम ‘विकसित भारत @2047’ रखी गई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने पर फोकस है। ऐसा कहा जा रहा है कि बैठक में राज्य सरकारों की ओर से नीति आयोग को एक रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से संचालित होने वाली योजना पर चर्चा होगी।