‘पश्चिम बंगाल में हालात दुरुस्त करने के लिए हस्तक्षेप कीजिए’, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में अराजकता बढ़ने का मामला और गरमाता दिख रहा है। पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व सांसद अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को चिट्ठी भेजकर राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति दुरुस्त करने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। अधीर रंजन चौधरी ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि हमारे लोकतांत्रिक समाज के लिए जो अच्छा नहीं है, उस तरह के पश्चिम बंगाल में हालात से संबंधित तथ्यों पर गौर करना चाहिए। उन्होंने लिखा है कि सामाजिक जीवन में लगातार काम करने वाला शख्स होने के नाते मैं आपसे गुहार लगा रहा हूं कि राष्ट्र के प्रमुख होने के नाते पश्चिम बंगाल की जनता को न्याय दीजिए।
इससे पहले बीजेपी लगातार पश्चिम बंगाल में हिंसा और अन्य मसलों को लेकर ममता बनर्जी की सरकार को घेरती रही है। पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष सुकांत मजुमदार ने बीते दिनों ही कहा था कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से मिलकर एक प्रस्तुति दी है। जिसमें उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर के बीच समानताओं पर प्रकाश डाला गया है। सुकांत मजुमदार ने कहा था कि इस प्रस्तुति में बताया गया कि उत्तर बंगाल को किस तरह पूर्वोत्तर में शामिल किया जा सकता है। सुकांत मजुमदार के इस बयान पर ममता की पार्टी टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बंगाल को काटने की कोशिश करने वालों को सबक मिल जाएगा। ममता बनर्जी भी सुकांत मजुमदार के इस बयान पर नाराजगी जता चुकी हैं।
वहीं, झारखंड के गोड्डा से बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कहा था कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, मालदा, झारखंड के संथाल परगना, बिहार के किशनगंज वगैरा को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाना चाहिए। उनका कहना था कि इन इलाकों में बांग्लादेश से घुसपैठ हो रही है। जिसे रोकने के लिए ये कदम उठाया जाना जरूरी है।
