महिलाओं के बारे में अपने विवादित बयान को सही ठहराते दिखे सांसद पप्पू यादव!
मालदा (पश्चिम बंगाल)। महिलाओं के बारे में अशोभनीय और विवादित बयान देने के बाद बिहार की पूर्णिया सीट से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की चौतरफा निंदा हो रही है। वहीं, बिहार महिला आयोग ने भी पप्पू यादव को नोटिस भेजा है। अपनी जमकर हो रही निंदा और नोटिस के बावजूद पप्पू यादव अपने विवादित बयान को सही ठहराते हुए दिखे। पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में ये भी कहा था कि 70-80 फीसदी नेता पोर्न देखते हैं। पप्पू यादव के मुताबिक उनका कहना था कि पुरुष नेता महिलाओं का शोषण किए बगैर उन्हें राजनीति में नहीं आने देते। पप्पू यादव ने ये भी दावा किया कि वो महिलाओं के लिए लड़ रहे हैं। सुनिए उन्होंने और क्या-क्या कहा।
पप्पू यादव इससे पहले भी कई बार विवादित बयान देकर विवाद खड़ा कर चुके हैं। इस बार महिलाओं के बारे में उनके विवादित बयान की इस वजह से भर्त्सना हो रही है, क्योंकि पप्पू यादव की पत्नी रंजीत रंजन भी कांग्रेस से सांसद हैं। पप्पू यादव के महिलाओं और राजनीति के बारे में दिए गए बयान पर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद तक ने नाराजगी जताई। हालांकि, कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की तरफ से पप्पू यादव के इस बयान पर बहुत कुछ नहीं कहा गया। ऐसे में पप्पू यादव महिलाओं के बारे में दिए अपने बयान को एक तरह से सही ठहरा रहे हैं। यहां तक कि बिहार महिला आयोग के बारे में पप्पू यादव ने सवाल दागा है कि उनको नोटिस देने वाले ये लोग कौन हैं?
इसी साल मार्च में भी पप्पू यादव ने पूर्णिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विवादित बयान दिया था। पप्पू यादव ने कहा था कि 12 साल में नेताओं ने देश की बेटियों को हवस का शिकार बनाया है। पप्पू यादव ने उस वक्त कहा था कि कहीं लड़कियों का वीडियो अपलोड हो रहा है, तो कहीं मंत्री किन्नर के साथ सोए हुए हैं। लोकसभा सांसद ने कहा था कि बिहार और देश में नेता, पूंजीपति और अफसरों ने बेटियों पर गिद्ध की नजर डाली हुई है। उस वक्त भी बीजेपी की तरफ से पप्पू यादव के खिलाफ आवाज उठाई गई थी। इस बार भी पप्पू यादव का महिलाओं के बारे में बयान आने पर बीजेपी ने जोरदार निशाना साधते हुए कांग्रेस को भी घेरा है।
