अब ममता बनर्जी के करीबी विधायक कुणाल घोष ने भी टीएमसी में गड़बड़ियों पर उठाई आवाज, बोले- आंखें मूंदकर नहीं रह सकता
कोलकाता। ममता बनर्जी की टीएमसी के 58 विधायकों ने अलग गुट बना लिया। टीएमसी के सांसदों के भी अलग गुट बनने की अटकलें हैं। इन खबरों के बीच ममता बनर्जी के करीबी विधायक कुणाल घोष ने भी टीएमसी में गड़बड़ियों पर आवाज उठानी शुरू की है। कुणाल घोष ने एक्स पर ताजा पोस्ट में लिखा है कि अगर पार्टी की गलतियों को सुधारने की जगह अलग-अलग स्तरों पर गलतियां होती रहती हैं, तो ये सब देखकर वो आंखें मूंदकर नहीं रह सकते।
कुणाल घोष ने पोस्ट की शुरुआत में कहा है कि वो ममता बनर्जी के दिए चुनाव चिन्ह पर विधायक बने और उन लोगों का समर्थन नहीं करते, जो चुनाव के एक महीने में ही रहस्यमयी निजी हितों के लिए विपक्ष (बीजेपी) का साथ पाने की खातिर ममता दीदी को धोखा देते हैं। कुणाल ने लिखा है कि वो ममता बनर्जी के साथ हैं। इसके बाद उन्होंने टीएमसी में गड़बड़ियों की बात लिखकर बताया है कि अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ताओं, छात्रों और युवाओं के संदेश मिल रहे हैं। वे संपर्क कर गड़बड़ियों की बात कहकर साथ बैठने का आग्रह कर रहे हैं। कुणाल ने लिखा है कि वो इनसे मिलेंगे। आगे क्या होगा, ये बाद में देखा जाएगा।
कुणाल घोष ने आगे फिर लिखा है कि वो ममता बनर्जी के साथ हैं, लेकिन बार-बार दोहराई जाने वाली गलतियों का समर्थन नहीं करेंगे। उन्होंने लिखा है कि टीएमसी के बाहर और भीतर वो आंख, कान दिमाग और दिल की आवाज का वो इस्तेमाल करते रहेंगे। बता दें कि कुणाल घोष को शारदा चिटफंड घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। तब उन्होंने ममता बनर्जी पर आरोप लगाए थे। जेल से छूटने के बाद कुणाल घोष एक बार फिर ममता बनर्जी के करीबी बन गए। अब उनका ताजा पोस्ट अलग गुट बनाने वाले विधायकों के आरोप का समर्थन करता दिख रहा है। टीएमसी का अलग गुट बनाने वाले विधायकों ने पार्टी में गड़बड़ियों का आरोप लगाया था। तो क्या अब कुणाल घोष भी आगे चलकर ममता बनर्जी का साथ छोड़ेंगे?
