वाट्सएप बिजनेस पर एआई संबंधी फीस लगाने पर मेटा पर यूरोपीय आयोग सख्त, दिया ये आदेश
ब्रसेल्स। वाट्सएप चलाने वाली मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा को यूरोपीय आयोग ने फटकार लगाई है। यूरोपीय आयोग ने मेटा को आदेश दिया है कि वो वाट्सएप बिजनेस पर थर्ड पार्टी एआई असिस्टेंट्स के लिए 15 अक्टूबर 2025 से पहले लागू फ्री एक्सेस वापस लाए। यूरोपीय आयोग ने कहा कि मेटा की वाट्सएप बिजनेस पर लागू नई फीस नीति एआई सर्विस देने वाली दूसरी कंपनियों को बाजार से बाहर करने का तरीका है। मेटा ने इस पर कारोबार और महंगी एआई सर्विस की दलील दी है।
मेटा ने मार्च में कहा था कि वो थर्ड पार्टी एआई चैटबॉट्स को वाट्सएप बिजनेस पर फीस देने के बाद ही मंजूरी देगा। अब यूरोपीय आयोग की फटकार और आदेश के बाद मेटा ने कहा है कि आयोग के इस कदम से छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी एआई कंपनियों का खर्च बढ़ सकता है। जो कारोबारियों को नुकसान पहुंचाएगा। उधर, यूरोपीय आयोग का कहना है कि मेटा ने फीस इसलिए लगाई, ताकि वो अपने एआई का राज स्थापित कर सके। यूरोपीय यूनियन के निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा नियमों के खिलाफ जाकर मेटा ने फीस लगाने का फैसला किया। उधर, इटली में भी इस मसले पर जांच तेज हो गई है।
इटली का प्रतिस्पर्धा पर नजर रखने वाला आयोग पहले से ही मेटा की नीतियों को गहराई से देख रहा है। इस मसले को यूरोप के देशों के स्तर पर और बड़ा करने की कोशिश हो रही है। इससे मेटा के खिलाफ और भी देश कार्रवाई कर सकते हैं। मेटा की ओर से ये दलील दी गई है कि क्या फ्रांस की एक छोटी बेकरी ओपनएआई जैसी बड़ी एआई सेवा देने वाली कंपनी का भारी बिल चुका सकती है। मेटा का कहना है कि यूरोप के छोटे कारोबारियों को टेक्नोलॉजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों का खर्च नहीं उठाना चाहिए। हालांकि, मेटा की इस दलील का यूरोपीय आयोग पर फिलहाल कोई असर नहीं दिख रहा है। नतीजे में मेटा को अब वाट्सएप बिजनेस में एआई सर्विस देने के लिए लगाई गई फीस को खत्म करना पड़ेगा।
