पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी का ताजा एक्शन, इस सरकारी सुविधा से लाखों लोग होंगे बाहर
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने ताजा एक्शन लेते हुए एक सरकारी सुविधा से लाखों लोगों को बाहर करने का फैसला किया है। राज्य में वोटरों के गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में करीब 63 लाख लोगों के नाम कट गए थे। अब सीएम शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने एसआईआर में डिलीट हुए वोटरों के राशन कार्ड रद्द करने का आदेश जारी किया है। हालांकि, शुभेंदु अधिकारी सरकार ने आदेश में कहा है कि जिन लोगों ने सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया है या वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए ट्रिब्यूनल में अपील की है, उनके मामलों में अंतिम फैसला होने तक राशन कार्ड पर मुफ्त अनाज मिलता रहेगा।
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी सरकार के दौरान ‘खाद्य साथी’ योजना चलती थी। इसके तहत राज्य के करीब 2 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जाता था। खाद्य साथी योजना पर ममता बनर्जी सरकार साल में करीब 15000 करोड़ रुपए खर्च करती थी। अब शुभेंदु अधिकारी सरकार को ये अंदेशा है कि कई और योजनाओं की तरह खाद्य साथी में भी बड़े पैमाने पर अपात्रों को मुफ्त राशन की सुविधाएं मिलती रहीं। इसलिए सभी राशन कार्ड धारकों के भौतिक सत्यापन का आदेश दिया गया है। सभी एसडीओ और बीडीओ से कहा गया है कि वे एसआईआर में हटाए गए वोटरों की लिस्ट खाद्य निरीक्षकों को दें। जिसके आधार पर घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। 15 जून तक हर हाल में इसे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे पहले खुद पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बताया था कि ममता बनर्जी सरकार के दौर में लागू ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना में तमाम पुरुषों को भी हर महीने 1500 रुपए दिए जाते रहे। ऐसे तमाम लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके अलावा जांच में ये भी पता चला कि कई पुरुष विधवा पेंशन भी ले रहे थे। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने ऐसे सभी मामलों में कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। नतीजे में पुलिस अब गड़बड़ी करने वालों को पकड़ रही है। बता दें कि ममता बनर्जी की टीएमसी सरकार के दौरान शिक्षक भर्ती घोटाला, नगर निगम भर्ती घोटाला, कोयला घोटाला जैसे कई आरोप लगे। जिनकी जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं।
