दिल्ली

‘बांग्लादेश जैसा भारत में भी हो सकता है’, कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद के बयान ने बजाई खतरे की घंटी!

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नई दिल्ली। बांग्लादेश में बीते दिनों जमकर हिंसा हुई। आरक्षण विरोधी छात्रों का आंदोलन इतना उग्र हुआ कि पीएम पद से इस्तीफा देकर शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़कर भारत में शरण लेना पड़ा। इसके बाद भी हिंसा की तमाम घटनाओं में 150 के करीब लोगों की जान गई। क्या ऐसा भारत में भी निकट भविष्य में हो सकता है? न्यूज एजेंसी पीटीआई की खबर के मुताबिक कांग्रेस के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद का कहना है कि भारत में भले ही सतह पर सबकुछ सामान्य लग रहा हो, लेकिन यहां भी वैसा ही हो सकता है, जैसा बांग्लादेश में हो रहा है।

सलमान खुर्शीद ने ये बात मंगलवार को दिल्ली में एक किताब के विमोचन पर कही। कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने मुजीब-उर-रहमान की किताब ‘शिकवा-ए-हिंद: द पॉलिटिकल फ्यूचर ऑफ इंडियन मुस्लिम्स’ शीर्षक वाली किताब के विमोचन में कहा कि भले ही कश्मीर में सब सामान्य लगता हो। भले ही यहां भी सबकुछ सामान्य लग रहा हो। हम भले ही विजय का जश्न मना रहे हों, लेकिन कुछ लोगों का ये मानना हो सकता है कि 2024 की वो विजय या सफलता बहुत कम है। सलमान खुर्शीद ने कहा कि शायद इससे भी ज्यादा करने की जरूरत है। सलमान खुर्शीद का ये बयान इसलिए काफी अहम और खतरे की घंटी बजाने वाला दिखता है, क्योंकि मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ लंबे समय से विपक्षी दल और तमाम संगठन आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं।

बांग्लादेश की बात करें, तो शेख हसीना ने जनवरी 2023 में आम चुनाव को दो-तिहाई वोट से जीता था। वो चौथी बार बांग्लादेश की पीएम बनी थीं। उनपर भी चुनाव में धांधली का वैसा ही आरोप लगाया गया, जैसा मोदी सरकार पर विपक्षी दल और कुछ संगठन लगाते रहे हैं। जून में जब आरक्षण के मसले पर हाईकोर्ट का फैसला आया, तब शेख हसीना की सरकार के खिलाफ छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया। इस आंदोलन के दौरान बांग्लादेश में जुलाई के महीने में जमकर हिंसा हुई। जिसमें 200 के करीब लोग मारे गए। अगस्त में शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन और उग्र हुआ। इस दौरान 100 से ज्यादा लोग मारे गए और फिर शेख हसीना को पीएम का पद छोड़कर बांग्लादेश से भागना और भारत में शरण लेना पड़ा।

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