April 23, 2026

Hind foucs news

hindi new update

मंकीपॉक्स से रहिए सावधान!, पड़ोसी देश पाकिस्तान में मिला इस बीमारी का तीसरा मरीज

नई दिल्ली। कोरोना के बाद अब मंकीपॉक्स का हौवा है। अफ्रीका से फैली ये बीमारी भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान तक पहुंच गई है। पाकिस्तान में बीते दिनों मंकीपॉक्स के दो मरीज मिले थे। अब मंकीपॉक्स का एक और मरीज पीओके में पाया गया है। बताया जा रहा है कि पीओके के जिस शख्स को मंकीपॉक्स हुआ है, वो हाल ही में सऊदी अरब से लौटा है। मंकीपॉक्स को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने संक्रामक बताते हुए आपातकाल घोषित कर सभी देशों को चौकसी बरतने के लिए कहा है। इस साल कांगो में अब तक मंकीपॉक्स के 14000 मरीज मिल चुके हैं। इस बीमारी से 500 से ज्यादा लोगों की जान भी जा चुकी है।

साल 2022 में भी मंकीपॉक्स ने 100 देशों में लोगों को बीमार किया था। तब इससे 200 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक मंकीपॉक्स कोरोना जैसा घातक तो नहीं है, लेकिन कुछ लोगों की जान पर भारी जरूर पड़ता है। खासकर ऐसे लोग जो किसी अन्य घातक बीमारी से पीड़ित हैं, मंकीपॉक्स के कारण उनकी जान पर खतरा बना रहता है। मंकीपॉक्स बीमारी की पहचान सबसे पहले 1958 में हुई थी। ऑर्थोपॉक्स वायरस के कारण ये बीमारी होती है। इस बीमारी में भी चिकनपॉक्स जैसे ही मवाद से भरे दाने शरीर पर निकलते हैं, लेकिन इनका साइज बड़ा होता है। कुछ लोगों में मंकीपॉक्स के कारण चेहरे का स्वरूप भी बदलते देखा गया है।

मुख्य तौर पर ये बीमारी संक्रामक व्यक्ति और चूहे व अन्य जानवरों के जरिए फैलती देखी गई है। मंकीपॉक्स से बचने के लिए बार-बार हाथ धोना चाहिए और घरों में चूहे और अन्य जानवरों के आने पर रोक लगानी चाहिए। आवारा कुत्तों से भी बचकर रहने की जरूरत है। वे भी मंकीपॉक्स के वाहक हो जाते हैं। इसके अलावा घर में मंकीपॉक्स से संक्रमित कोई मरीज है, तो अन्य सभी लोगों को उससे दूर रहना चाहिए और मास्क का प्रयोग करना चाहिए। संक्रमण होने के 5 से 20 दिन के भीतर किसी व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण उभरते हैं। मंकीपॉक्स के पीड़ित मरीज में तेज बुखार, शरीर में दर्द और आंखों का लाल होकर पानी निकलना देखा जाता है।