यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में सपा नेता यासर शाह समेत कई पर मुकदमा दर्ज
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त नजर रखी जा रही है। शुक्रवार को आयोजित हो रही पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान, कुछ शरारती तत्वों ने यह अफवाह फैला दी कि प्रश्नपत्र फिर से लीक हो गया है। इस मामले में इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार की शिकायत पर हुसैनगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री यासर शाह का नाम भी शामिल है। यासर शाह पर आरोप है कि उन्होंने पेपर लीक की बेबुनियाद अफवाह सोशल मीडिया पर फैलाई। पुलिस के अनुसार, यह अफवाह टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर फैलाई जा रही थी।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि कुछ अज्ञात लोग सोशल मीडिया के माध्यम से प्रश्नपत्र लीक की अफवाह फैला रहे थे। इनका उद्देश्य परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों से धन उगाही करना और सरकार की छवि खराब करना था। शिकायतकर्ता ने एफआईआर में सोशल मीडिया की आईडी का भी जिक्र किया है।
गोरखपुर में चार लोगों को हिरासत में लिया गया
इसी बीच, गोरखपुर में पुलिस ने भर्ती परीक्षा से पहले चार लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें एक महिला कांस्टेबल भी शामिल है। पुलिस ने इन लोगों के मोबाइल से पांच अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि इन लोगों में एक व्यक्ति दिल्ली का निवासी है।
महिला कांस्टेबल के पास मिले एडमिट कार्ड और नकदी
गोरखपुर के बांसगांव की रहने वाली महिला कांस्टेबल को एसटीएफ और बांसगांव पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार किया। सूत्रों के अनुसार, महिला कांस्टेबल के पास से 5 प्रवेश पत्र और नकदी बरामद हुई है। महिला कांस्टेबल श्रावस्ती में तैनात है और एसटीएफ की पूछताछ अभी भी जारी है। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया के माध्यम से महिला कांस्टेबल से दोस्ती की थी और उसके बाद ही यह पूरा मामला सामने आया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने की योजना बनाई थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इस तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी रखा जा सके।
