दुष्यंत चौटाला को फिर लगा झटका, रामनिवास सुरजाखेड़ा ने छोड़ी जेजेपी, विधायक पद से भी दिया इस्तीफा
नई दिल्ली। हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से दुष्यंत चौटाला को लगातार झटके पर झटके लग रहे हैं। अब एक और विधायक ने उनका साथ छोड़ दिया है। जननायक जनता पार्टी के नरवाना के विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा ने पार्टी और विधायक पद दोनों से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले जेजेपी के पांच और विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद किंग मेकर की भूमिका निभाने वाले दुष्यंत चौटाला के सामने अब बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
पार्टी से इस्तीफा देने के बाद नरवाना के विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा ने कहा कि जेजेपी और मेरी राजनीतिक विचारधाराएं अलग-अलग हैं और इसलिए मैंने यह पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि जब भी पार्टी अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला और अन्य नेताओं की कोई बैठक होती थी, तो मुझे इस बारे में कोई सूचना नहीं दी जाती थी। साथ ही मुझे पार्टी के फैसलों से अनजान रखा जाता था जो लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।
रामनिवास सुरजाखेड़ा ने भविष्य के विषय में बात करते हुए कहा कि मैंने अपने निर्वाचन क्षेत्र नरवाना के लोगों से सलाह ली है और उन्होंने सुझाव दिया है कि मुझे एक बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ना चाहिए। अगर भाजपा मुझे आशीर्वाद देती है, तो मैं बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर विधानसभा चुनाव में उतरूंगा।
आपको बता दें इससे पहले जेजेपी के उकलाना से विधायक अनूप धानक, शाहबाद से विधायक रामकरण काला, टोहाना से विधायक देवेंद्र बबली, गुहला चीका से विधायक ईश्वर सिंह और बरवाला से विधायक जोगीराम सिहाग पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। अनूप धानक ने सबसे पहले विधानसभा चुनाव की घोषणा के दिन ही पार्टी छोड़ दी थी। इसके अगले दिन रामकरण काला, देवेंद्र बबली और ईश्वर सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। फिर जोगीराम सिहाग ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था।
