क्या है ‘भीष्म क्यूब’? पीएम नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की को किया है गिफ्ट
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यूक्रेन दौरे पर पहुंचे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने भारतीय पीएम का गर्मजोशी से स्वागत किया। भारत और यूक्रेन के बीच विभिन्न क्षेत्रों के 4 समझौतों पर हस्ताक्षर भी हुए। इस दौरान मोदी ने ज़ेलेंस्की को ‘भीष्म क्यूब’ गिफ्ट किया। हम आपको बताते हैं कि ये ‘भीष्म क्यूब’ क्या है और इसकी ऐसी कौन सी खासियत है जो इसकी कई यूनिट पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को भेंट की हैं।
‘भीष्म क्यूब’ एक पोर्टेबल मोबाइल हॉस्पिटल यूनिट की तरह है, जिसे आपदा प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थिति में स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए तैयार किया गया है। अत्याधुनिक मेडिकल उपकरणों से लैस ये क्यूब बहुत ही मजबूत और वाटरप्रूफ होते हैं। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे पैराशूट के जरिए आपदा और युद्ध प्रभावित इलाकों में आसानी से गिराया जा सकता है। इसमें एक्स रे मशीन से लेकर वेंटिलेटर तक की सुविधा होती है। इसमें सौर ऊर्जा प्लेट और बैटरी भी लगी होती है। भीष्म क्यूब मॉडर्न मेडिकल इंजीनियरिंग का एक बहुत ही अच्छा उदाहरण है।
पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस परियोजना को साल 2022 में शुरू किया गया था। एक यूनिट का वजन 720 किलो के आसपास है और 72 ट्रांसपोर्टेबल कंपोनेंट्स आसानी से फिट हो जाते हैं। एक यूनिट को तैयार करने में लगभग 1.50 करोड़ रुपये की लागत आती है। भारतीय वायु सेना ने मई 2024 में आगरा के मालपुरा ड्रॉपिंग जोन में भीष्म क्यूब का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था। पैराशूट के जरिए क्यूब को 1500 फीट की ऊंचाई से गिराया गया था।
भारत और यूक्रेन के बीच हुए 4 समझौते
भारत और यूक्रेन के बीच आज विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित 4 अहम समझौते भी किए गए। इसके लिए दोनों देशों के बीच एमओयू भी साइन किए गए। दोनों देशों के बीच मानवीय मदद को लेकर पहला समझौता किया गया। वहीं सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने को लेकर भी एमओयू साइन हुआ। इसके अतिरिक्त कृषि और विज्ञान में सहयोग संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर हुए तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी करार हुआ।
