आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, लगाई ये गुहार
नई दिल्ली। आरजी कर मेडिकल कॉलेज कोलकाता के पूर्व प्रिंसिपल डा. संदीप घोष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। घोष ने अपनी याचिका में डाक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना को उनके ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोप से जोड़ने वाली कलकत्ता हाईकोर्ट की टिप्पणी को हटाने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है। पूर्व प्रिंसिपल का यह भी कहना है कि हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितता मामले की जांच सीबीआई को सौंपने से पहले उनका पक्ष नहीं सुना। संदीप घोष की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में 6 सितंबर को सुनवाई होगी।
भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार डा. संदीप घोष को कोर्ट ने मंगलवार को ही 8 दिन की सीबीआई रिमांड में भेजा है। संदीप के साथ ही सीबीआई ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी अफसर अली, बिप्लव सिंघा और सुमन हजारा को भी गिरफ्तार किया था। इन सबको भी अदालत ने 8 दिन के लिए सीबीआई हिरासत में भेजा है। मेडिकल कॉलेज के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली ने घोष पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया था कि पोस्टिंग, ट्रांसफर से लेकर हॉस्टल एलाटमेंट तक डा. संदीप घोष हर चीज में पैसा खाते थे। टेंडर ऑर्डर के नाम पर 20 प्रतिशत कमीशन लेते थे। इतना ही नहीं अली ने घोष पर लावारिस लाशों को बेचने वाले रैकेट से जुड़े होने का भी आरोप लगाया था।
अली ने कहा था कि बांग्लादेश में बायोमेडिकल अपशिष्ट और मेडिकल उपकरणों की तस्करी रैकेट में भी घोष शामिल हैं। इससे पहले महिला डाक्टर से दुष्कर्म और हत्या मामले में सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी संदीप घोष और ममता बनर्जी सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। हाईकोर्ट ने घोष को लंबी छुट्टी पर जाने का आदेश दिया था। उधर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी डा. घोष की सदस्यता निलंबित कर दी है। संदीप आईएमए की कोलकाता शाखा के वाइस प्रेसिडेंट थे। सीबीआई डा. घोष का पॉलीग्राफी टेस्ट भी करा चुकी है।
