टर्म इंश्योरेंस पर से हटेगा जीएसटी और एटीएफ को दायरे में लाकर विमान सेवाओं को सस्ता किया जाएगा?
नई दिल्ली। टर्म लाइफ इंश्योरेंस कराने वालों की नजर आज होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक पर है। काफी दिनों से मांग उठ रही है कि टर्म लाइफ इंश्योरेंस से जीएसटी खत्म की जाए। माना जा रहा है कि आज जीएसटी काउंसिल की बैठक में टर्म लाइफ इंश्योरेंस पर से जीएसटी हटाने या इसकी दर कम करने का फैसला हो सकता है। अभी टर्म लाइफ इंश्योरेंस पर 18 फीसदी जीएसटी ली जाती है। इसके अलावा विमानों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन यानी एटीएफ को जीएसटी में लाने का फैसला होने की भी चर्चा तेज है। मीडिया की खबरों के मुताबिक एटीएफ को जीएसटी में लाने से इस पर वैट नहीं लगेगा। अगर 28 फीसदी का अधिकतम जीएसटी भी एटीएफ पर लगे, तब भी इसकी दर पहले के मुकाबले घटेगी और इससे विमानों का किराया सस्ता हो जाएगा। हालांकि, देखना है कि जीएसटी काउंसिल इन दो अहम मसलों पर आज की बैठक में फैसला कर पाती है या नहीं।
बड़ा मुद्दा डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के जरिए होने वाले 2000 रुपए तक के लेनदेन पर टैक्स बढ़ाने का भी है। चर्चा है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में कार्ड के जरिए 2000 रुपए तक लेनदेन पर टैक्स की दर को 18 फीसदी किया जा सकता है। अभी पेमेंट एग्रीगेटर ऐसे लेनदेन पर 0.5 से 2 फीसदी तक टैक्स लेते हैं। अगर कार्ड से लेनदेन पर टैक्स बढ़ाया जाता है, तो इसका सीधा असर डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड रखने वालों पर पड़ेगा। क्योंकि पेमेंट एग्रीगेटर इस बढ़े हुए टैक्स को कार्ड धारकों से ही वसूलेंगे। डेबिट और क्रेडिट कार्ड से 2000 रुपए तक के लेनदेन ही सबसे ज्यादा किए जाते हैं। जीएसटी काउंसिल की फिटमेंट कमेटी ने कार्ड से लेनदेन पर टैक्स बढ़ाने की सिफारिश की है।
इसके अलावा जीएसटी काउंसिल की बैठक में ऑनलाइन गेमिंग पर रिपोर्ट भी आएगी। इस रिपोर्ट में बताया जाएगा कि 1 अक्टूबर 2023 से पहले और उसके बाद ऑनलाइन गेमिंग से कितना जीएसटी मिला। जीएसटी काउंसिल ने 1 अक्टूबर 2023 से ऑनलाइन गेमिंग, हॉर्स रेसिंग और कसीनो पर 28 फीसदी जीएसटी लगाया था। इससे पहले ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां इससे कम जीएसटी दे रही थीं। ऐसे में जीएसटी काउंसिल ने कहा था कि इन सभी कंपनियों को पुराने मामलों में भी 28 फीसदी की दर से टैक्स देना होगा।
