अमित शाह ने पेश किया नरेंद्र मोदी सरकार के 100 दिनों के कामकाज का लेखा-जोखा
नई दिल्ली। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के 100 पूरे होने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार के काम काज का लेखा-जोखा देश की जनता के सामने रखा। गृह मंत्री ने कहा, 60 साल बाद कोई नेता लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनकर देश का नेतृत्व कर रहा है। 60 साल बाद देश में राजनीतिक स्थिरता आई है। पिछले 10 साल में देश की बाहरी सुरक्षा, देश की आंतरिक सुरक्षा और देश की रक्षा प्रणाली को मजबूत करके एक सुरक्षित भारत बनाने में मोदी सरकार ने बड़ी सफलता पाई है। नई शिक्षा नीति लाने का काम किया गया। मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारत पूरी दुनिया में उत्पादन का सबसे चहेता केंद्र बन चुका है।
शाह ने कहा कि दुनिया के कई देश हमारे डिजिटल इंडिया अभियान को समझने और इसे अपने विकास का आधार बनाना चाहते हैं। हम अर्थव्यवस्था के सभी 13 मापदंडों में अनुशासन लाए और प्रगति की। दुनिया मान रही है कि अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत का भविष्य उज्ज्वल है। आजादी के बाद पहली बार दुनिया ने रीढ़ की हड्डी वाली भारत की विदेश नीति को देखा है। 60 करोड़ भारतीयों को घर, शौचालय, गैस, पीने का पानी, बिजली, 5 किलो मुफ्त राशन और 5 लाख तक की स्वास्थ्य सेवाएं मिलीं। हमारा लक्ष्य है कि जब हम अगली बार चुनाव में जाएं तो ऐसा कोई नहीं हो जिसके पास अपना घर न हो।
मणिपुर के हालात पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि हमने समस्या की मूल वजह भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू कर दिया है। 30 किलोमीटर की बाड़ लगाने का काम पूरा हो चुका है। पूरी 1500 किमी सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बजट को मंजूरी दे दी है। हमने घुसपैठ को रोकने के लिए रणनीतिक स्थानों पर सीआरपीएफ को सफलतापूर्वक तैनात किया है। हमने भारत और म्यांमार के बीच उस समझौते को रद्द कर दिया है जो लोगों की आवाजाही की अनुमति देता था और अब भारत में केवल वीजा द्वारा प्रवेश की अनुमति है। हाल ही में तीन दिनों तक हिंसा चली, इसके अलावा पिछले 3 महीनों में कोई बड़ी घटना नहीं हुई।
शाह ने बताया कि हम दोनों स्थानीय जनजातियों के लोगों से बातचीत कर रहे हैं क्योंकि यह नस्लीय हिंसा है, जब तक उनके बीच बातचीत नहीं होगी तब तक कोई समाधान नहीं हो सकता। हम कुकी समूहों और मैतेई समूहों से बात कर रहे हैं। हमने इस मुद्दे को हल करने के लिए एक रोडमैप बनाया है। गृह मंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रबंधन के लिए सरकार ने 6,350 करोड़ रुपये की एक नई योजना शुरू की है, जो देश में इस तरह की पहल है। लद्दाख में पांच नए जिले बनाए गए हैं। 25 जून को संविधान दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने लोगों से जागरूकता बढ़ाने और ये सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि आने वाली पीढ़ियों को आपातकाल जैसे अंधकारमय समय का अनुभव न हो।
