“वक्फ कानून में बदलाव के लिए तैयार सरकार, शीतकालीन सत्र में निकालेंगे इसका समाधान”, अमित शाह का ऐलान
नई दिल्ली। हरियाणा में चुनावी माहौल गरमा चुका है। 1 अक्टूबर को पूरे हरियाणा में एक ही चरण में मतदान होगा। सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां अपने उम्मीदवारों और मुद्दों के साथ चुनावी मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतरी हुई हैं। किसानों के मुद्दों से लेकर जातिगत समीकरण और पहलवानों के आरोपों तक, हर पार्टी अपनी ओर से बढ़-चढ़कर आश्वासन दे रही है। कहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को बादशाहपुर में आयोजित जनसभा में ज्वाला माता के जयकारे के साथ अपना संबोधन शुरू किया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। वक्फ बोर्ड का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे एक लंबे समय से विवादित विषय बताया और इसके सुधार का आश्वासन दिया। अमित शाह ने कहा, “वक्फ बोर्ड के कानून से बहुत परेशानी हो रही है तो इस कानून में सुधार के लिए शीतकालीन सत्र में हम इसे लेकर आएंगे और इसका समाधान निकालेंगे।”
वक्फ बोर्ड का मामला काफी समय से विवादित रहा है। इससे पहले भी भाजपा सरकार ने लोकसभा में एक बिल पेश किया था, जो वक्फ बोर्ड पर सरकारी लगाम लगाने और लोगों की जमीनों पर अतिक्रमण रोकने के लिए था। हालांकि, सदन में हंगामे के चलते इस बिल को जॉइंट पार्लियामेंटरी कमिटी में भेज दिया गया था। अब इसे शीतकालीन सत्र में फिर से पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
वन रैंक वन पेंशन का जिक्र
अमित शाह ने ‘वन रैंक वन पेंशन’ का जिक्र करते हुए कहा, “हरियाणा वालों, आपने मोदीजी को प्रधानमंत्री बनाया, और मोदीजी ने ‘वन रैंक वन पेंशन’ का वादा पूरा किया। 40-40 साल सत्ता में रही कांग्रेस की तीन पीढ़ियों- इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, और मनमोहन सिंह-सोनिया गांधी ने सेना का सम्मान नहीं किया। लेकिन हमने सेना और जवानों के साथ न्याय किया है।”
अग्निवीर योजना पर राहुल गांधी को आड़े हाथ लिया
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा, “राहुल बाबा झूठ बोलने की मशीन हैं। वो कहते हैं कि अग्निवीर योजना इसलिए लाई गई है ताकि सरकार उन्हें पेंशन वाली नौकरी न दे। लेकिन मैं स्पष्ट कर दूं कि अग्निवीर योजना सिर्फ हमारी सेना को युवा रखने के लिए लाई गई है। हरियाणा की माताओं-बहनों को अपने बच्चों को सेना में भेजने से झिझकने की जरूरत नहीं है। भारत सरकार उनकी नौकरी की चिंता करेगी।”
