जूनियर डॉक्टरों ने ममता बनर्जी की सरकार को दिया नया अल्टीमेटम, 24 घंटे में मांगों को न मानने पर आमरण अनशन करेंगे
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के जूनियर डॉक्टरों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल तो खत्म कर दी है, लेकिन अब उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार को नया अल्टीमेटम दिया है। जूनियर डॉक्टरों ने अल्टीमेटम दिया है कि रविवार तक अगर ममता बनर्जी की पश्चिम बंगाल सरकार उनकी मांगों को नहीं मानेगी, तो वे आमरण अनशन शुरू कर देंगे। जूनियर डॉक्टरों ने शुक्रवार को अपने विरोध प्रदर्शन पर पुलिस के लाठीचार्ज और कथित तौर पर अपशब्द कहे जाने पर माफी की मांग भी की है। जूनियर डॉक्टरों ने एस्प्लैनेड इलाके में धरना जारी रखा हुआ है।
पश्चिम बंगाल के जूनियर डॉक्टरों ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के रेप और हत्या की वारदात के बाद आंदोलन शुरू किया था। उन्होंने 46 दिन तक काम बंद रखा था। सीएम ममता बनर्जी से बातचीत के बाद जूनियर डॉक्टर काम पर लौटे थे। इसके बाद कोलकाता के कामारहाटी स्थित सागर घोष मेडिकल कॉलेज में महिला की मौत के बाद उसके परिजनों ने डॉक्टरों और नर्सों की पिटाई की थी। जिसके बाद विरोध करते हुए जूनियर डॉक्टरों ने एक बार फिर अनिश्चितकालीन काम बंद किया था।
जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि उनकी सुरक्षा के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने अब तक कोई कदम नहीं उठाए हैं। जबकि, सीएम ममता बनर्जी ने बैठक के दौरान जूनियर डॉक्टरों को इस बारे में आश्वासन दिया था। अब अपने विरोध प्रदर्शन पर पुलिस के लाठीचार्ज व कथित तौर पर अपशब्द कहे जाने के बाद उन्होंने आमरण अनशन की धमकी दी है। दुर्गापूजा से ठीक पहले डॉक्टरों का नया अल्टीमेटम पश्चिम बंगाल सरकार के लिए मुश्किल का सबब बन सकता है। अब सबकी नजर इस पर है कि जूनियर डॉक्टरों के आमरण अनशन को रोकने के लिए ममता बनर्जी की सरकार नया कदम उठाते हुए उनकी मांगों पर क्या फैसला लेती है। क्योंकि डॉक्टरों ने ये कहा है कि वो जानते हैं कि लड़ाई लंबी है और इसके लिए वे तैयार हैं।
