आखिर मेन ट्रैक से लूप लाइन पर कैसे चली गई मैसूर-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस? रेलवे कर रहा जांच
नई दिल्ली। चेन्नई के पास पोन्नेरी-कवारपेट्टई रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रेन संख्या 12578 मैसूर-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस की शुक्रवार रात मालगाड़ी से पीछे से हुई टक्कर के बाद फिलहाल राहत और बचाव कार्य चल रहा है। वहीं इस मामले में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि मैसूरु-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस जो कि मेन लाइन पर चल रही थी वो अचानक लूप लाइन पर कैसे आ गई? लूप लाइन पर तो पहले से ही मालगाड़ी खड़ी थी। कहीं इस हादसे के पीछे कोई साजिश तो नहीं है, रेलवे इस एंगल से भी जांच कर रहा है।
वहीं, मौके पर पहुंचे दक्षिणी सर्किल के रेलवे सुरक्षा आयुक्त अनंत मधुकर चौधरी ने कहा, मैं यहां जांच करने आया हूं। मुझे पहले घटनास्थल की जांच करनी है, विभिन्न लोगों से बयान लेना है और उसके बाद ही मैं किसी निष्कर्ष पर पहुंच पाऊंगा।
आपको बता दें कि चेन्नई से लगभग 46 किलोमीटर दूर हुए इस एक्सीडेंट में लूप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मारने के बाद मैसूरु-दरभंगा एक्सप्रेस के 12-13 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। जिस समय यह एक्सीडेंट हुआ उस वक्त मैसूरु-दरभंगा एक्सप्रेस 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। इस हादसे के बाद ट्रेन के एक कोच में आग लग गई। इस एक्सीडेंट में लगभग 19 यात्री घायल बताए जा रहे हैं जिनको रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं रेलवे विभाग द्वारा ट्रैक खाली कराने का काम भी किया जा रहा है।
वहीं बीजेपी नेता आरपी सिंह ने इस ट्रेन दुर्घटना को बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार इसके बारे में चिंतित है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि पिछले कुछ समय से ट्रेनों को पटरी से उतारने या दुर्घटनाओं की साजिश रची जाने की खबरें आ रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकारें भी ऐसी घटनाओं के बारे में संज्ञान लेते हुए इन पर रोक लगाने का काम करेंगी।
