कोलकाता में आमरण अनशन पर बैठे एक और जूनियर डॉक्टर की बिगड़ी तबियत, आज से देशव्यापी हड़ताल का ऐलान
नई दिल्ली। कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के विरोध में न्याय और सुरक्षा संबंधी मांगों को लेकर पश्चिम बंगाल के जूनियर डॉक्टरों के आमरण अनशन का आज 10वां दिन है। इस बीच अनशन पर बैठे एक और डॉक्टर की रविवार रात तबियत बिगड़ गई। एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के जूनियर डॉक्टर पुलस्थ आचार्य को पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले भी आमरण अनशन पर बैठे 3 डॉक्टरों की तबियत खराब होने के चलते उनको अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका। वहीं, भूख हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों के सपोर्ट में आज से एक बार फिर देशभर के जूनियर डॉक्टरों ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान कर दिया है।
अखिल भारतीय चिकित्सा संघों के महासंघ (एफएआईएमए) का कहना है पश्चिम बंगाल में अपने साथी डॉक्टरों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए हम देशभर में वैकल्पिक चिकित्सा सेवाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। उधर, कल्याणी जेएनएम अस्पताल के 75 से अधिक वरिष्ठ डॉक्टरों ने भी सामूहिक इस्तीफे की धमकी दी है। कल्याणी जेएनएम अस्पताल के डॉक्टरों ने मांगे पूरी करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार और अधिकारियों को आज यानी 14 अक्टूबर तक का समय दिया है। इसके बाद वो सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंप देंगे। गौरतलब है कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला जूनियर डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या के विरोध में और मृतक डॉक्टर को न्याय दिलाने के लिए तथा ड्यूटी के दौरान अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कराए जाने की मांग को लेकर देशभर के जूनियर डॉक्टर एकजुट हैं।
इस घटना के बाद दिल्ली एम्स, सफदरजंग समेत देश भर के बड़े बड़े मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आश्वासन के बाद डॉक्टर काम पर लौटे थे। हालांकि आरजी कर के जूनियर डॉक्टर अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद सीएम ममता बनर्जी से उनकी वार्ता हुए तब उन्होंने हड़ताल समाप्त की थी। सीएम के मिले आश्वासन को पूरा ना होता देख डॉक्टर अब आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।
