महाराष्ट्र में अगले महीने विधानसभा चुनाव के लिए महाविकास अघाड़ी में अब तक सीट बंटवारा तय नहीं;
मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नवंबर में होने जा रहे हैं। अक्टूबर का आधा महीना बीत चुका है। ऐसे में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे पर अब तक फैसला हो जाना चाहिए था, लेकिन उद्धव ठाकरे की शिवसेना-यूबीटी, शरद पवार वाली एनसीपी और कांग्रेस की महाविकास अघाड़ी MVA अब तक सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप नहीं दे सकी हैं। सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र की 288 में से सिर्फ 222 सीट के बंटवारे पर महाविकास अघाड़ी के दल सहमत हैं। इसके अलावा सीएम फेस के मुद्दे पर भी शिवसेना-यूबीटी, कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी में आमराय नहीं बनी है। उद्धव ठाकरे चाहते हैं कि सीएम फेस घोषित कर चुनाव में उतरें। वहीं, कांग्रेस और शरद पवार की राय है कि चुनाव के बाद जीती गई सीटों की संख्या के आधार पर सीएम तय हो।
मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नवंबर में होने जा रहे हैं। अक्टूबर का आधा महीना बीत चुका है। ऐसे में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे पर अब तक फैसला हो जाना चाहिए था, लेकिन उद्धव ठाकरे की शिवसेना-यूबीटी, शरद पवार वाली एनसीपी और कांग्रेस की महाविकास अघाड़ी MVA अब तक सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप नहीं दे सकी हैं। सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र की 288 में से सिर्फ 222 सीट के बंटवारे पर महाविकास अघाड़ी के दल सहमत हैं। इसके अलावा सीएम फेस के मुद्दे पर भी शिवसेना-यूबीटी, कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी में आमराय नहीं बनी है। उद्धव ठाकरे चाहते हैं कि सीएम फेस घोषित कर चुनाव में उतरें। वहीं, कांग्रेस और शरद पवार की राय है कि चुनाव के बाद जीती गई सीटों की संख्या के आधार पर सीएम तय हो।
महाविकास अघाड़ी के दलों का मुख्य तौर पर मुकाबला बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार वाले एनसीपी की महायुति से होना तय है। लोकसभा चुनाव के नतीजों की बात करें, तो महाविकास अघाड़ी के दलों ने महायुति को झटका दिया था। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में बहुत बेहतर प्रदर्शन किया था। ऐसे में कांग्रेस का ज्यादा विधानसभा सीटों पर दावा सहज ही बनता है। वहीं, उद्धव ठाकरे और शरद पवार भी अपनी पार्टियों के लिए सीटों का बड़ा हिस्सा निश्चित तौर पर चाह रहे होंगे। ऐसे में महाविकास अघाड़ी के दलों के बीच आने वाले दिनों में सीट बंटवारे की बातचीत अहम रहने वाली है।
