यूपी की 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारेगी कांग्रेस!, अखिलेश यादव ने कर दिया सभी पर अपने उम्मीदवार उतारने का एलान
लखनऊ। यूपी में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर लोकसभा का चुनाव लड़ा था, लेकिन अब यूपी में 9 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में अखिलेश यादव और कांग्रेस का रुख अलग-अलग हो गया है। अखिलेश यादव ने जहां ‘सीट जरूरी नहीं जीत जरूरी’ की बात कहकर सभी 9 विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार उतारने का एलान कर दिया है। वहीं, कांग्रेस अब शायद किनारे बैठकर यूपी के उपचुनावों का हाल देखने का मन बना चुकी है।
मीडिया की खबरों के मुताबिक कांग्रेस ने मझवां समेत 4 सीट अखिलेश यादव से मांगी थी। वहीं, अखिलेश यादव कांग्रेस को गाजियाबाद सदर और खैर विधानसभा सीटें देने को राजी थे। सूत्रों के हवाले से मीडिया ने खबर दी है कि कांग्रेस ने इसके बाद अपनी मांग घटाकर 3 सीट कर दी, लेकिन अखिलेश यादव नहीं माने। इसके बाद कांग्रेस ने तय किया कि वो यूपी में 9 में से किसी भी विधानसभा सीट पर चुनाव नहीं लड़ेगी। इसकी बड़ी वजह ये भी है कि कांग्रेस को अखिलेश यादव जो गाजियाबाद सदर और खैर की सीटें ऑफर कर रहे थे, उन पर बीजेपी मजबूत है और लगातार जीतती आ रही है। कांग्रेस का कहना था कि उसे मझवां, फूलपुर जैसी सीटें दी जाएं।
यूपी में जिन 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने जा रहा है, उनमें से 4 को 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने जीता था। 3 सीटों पर बीजेपी के प्रत्याशी विजयी रहे थे। जबकि, उस वक्त समाजवादी पार्टी की सहयोगी और अब बीजेपी के साथ सत्ता में बैठी आरएलडी का 1 और निषाद पार्टी का 1 प्रत्याशी चुनाव जीता था। इस बार खबर है कि बीजेपी खुद 8 विधानसभा सीटों का उपचुनाव लड़ेगी और आरएलडी के लिए 1 सीट छोड़ने वाली है। वहीं, निषाद पार्टी के अध्यक्ष और योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री संजय निषाद भी अपनी पार्टी के लिए सीट मांग रहे हैं। उनकी इच्छा पूरी होती है या नहीं, ये अगले कुछ दिनों में पता चल जाएगा।
