2000 किलोमीटर की दूरी…100 से ज्यादा विमान, इस तरह ईरान के सैन्य ठिकानों पर इजरायल ने बोला हमला
यरुशलम। इजरायल ने आखिरकार ईरान पर हमला कर दिया। ईरान ने हिजबुल्लाह के प्रमुख हसन नसरुल्लाह के इजरायली हमले में मारे जाने के बाद 1 अक्टूबर को 200 से ज्यादा मिसाइलों से यहूदी देश को निशाना बनाया था। तभी इजरायल ने कहा था कि ईरान को इसकी कीमत चुकानी होगी। इजरायल ने 24 दिन बाद अब ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इजरायल का दावा है कि उसने ईरान के ठिकानों पर सटीक हमला किया। इजरायल का ये भी कहना है कि उसने ईरान के परमाणु और तेल ठिकानों पर हमला नहीं किया है। वहीं, अमेरिका ने कहा है कि ईरान पर हमले में वो शामिल नहीं था।
जानकारी के मुताबिक इजरायल 1 अक्टूबर को ईरान के मिसाइल हमले के बाद से ही जोरदार पलटवार की तैयारी कर रहा था। बीते दिनों खबर आई थी कि इजरायल की वायुसेना हमलावर विमानों के जरिए ईरान पर हमले की प्रैक्टिस कर रही है। अब ताजा जानकारी के मुताबिक इजरायल ने 100 से ज्यादा विमानों के जरिए ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इजरायल ने ईरान पर इस हमले में एफ-35 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया है। ये विमान अमेरिका की लॉकहीड मार्टिन कंपनी बनाती है। एफ-35 को दुनिया का सबसे उन्नत लड़ाकू विमान माना जाता है। इजरायल के पास ये विमान हैं, जिसकी वजह से उसने करीब 2000 किलोमीटर दूर ईरान पर हमला किया।
इजरायल ने ईरान के साथ ही सीरिया और इराक में भी तमाम जगह एकसाथ हमला बोला। इजरायल की सेना ने कहा है कि 7 अक्टूबर 2023 से ईरान और उसके सहयोगी लगातार 7 मोर्चों से हमला कर रहे थे। इसके जवाब में ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इजरायल के इन हमलों के बाद अब ईरान की तरफ से पलटवार का अंदेशा बढ़ गया है। ऐसे में मध्य एशिया में जारी तनाव और बढ़ सकता है। ईरान के सबसे बड़े धार्मिक गुरु अयातुल्लाह अली खामनेई ने पहले ही कहा था कि अगर इजरायल के किसी हमले में बड़ा नुकसान हुआ, तो यहूदी देश पर और जोरदार हमला किया जाएगा। माना जा रहा है कि ईरान अब अपनी लंबी दूरी की मिसाइलों से इस बार और घातक हमला कर सकता है। ईरान के किसी भी संभावित हमले से लोगों की रक्षा के लिए इजरायल ने भी तैयारी कर रखी है।
