April 25, 2026

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‘बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजने तक बीजेपी शांत नहीं बैठेगी’, झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी के इस मुद्दे से हारेगी जेएमएम?

देवघर। झारखंड में 13 और 20 नवंबर को विधानसभा के चुनाव होने हैं। इस बार चुनाव में बीजेपी ने हेमंत सोरेन की जेएमएम सरकार के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोला है। बीजेपी ने हेमंत सोरेन सरकार पर आरोप लगाया है कि वो बांग्लादेशी घुसपैठियों को संथाल परगना के इलाकों में बसने दे रही है। बीजेपी के झारखंड प्रभारी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो ये तक एलान किया है कि अगर राज्य में बीजेपी की सरकार बनी, तो एनआरसी कराकर एक-एक बांग्लादेशी घुसपैठिए को बाहर किया जाएगा। अब इस मुद्दे पर झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने भी मोर्चा खोला है।

संसद में निशिकांत दुबे झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठा चुके हैं। अब निशिकांत दुबे ने कहा है कि बीजेपी के लिए ये चुनावी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दा है। निशिकांत दुबे ने कहा कि संथाल परगना में मुस्लिमों की आबादी 15 फीसदी बढ़ी है। उनका दावा है कि इसमें 11 फीसदी बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं। बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया है कि वोट बैंक की राजनीति के कारण कांग्रेस और जेएमएम आदिवासियों के बारे में चिंता नहीं कर रहे। उन्होंने एलान किया कि जब तक बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस नहीं भेज दिया जाता, बीजेपी शांत नहीं बैठने वाली है।

इससे पहले रविवार को बीजेपी के नेता और झारखंड के पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने राज्य के खुफिया विभाग विशेष शाखा की तरफ से सभी पुलिस अधीक्षकों को 2023 में जारी चिट्ठी सोशल मीडिया पर शेयर की थी। इस चिट्ठी में खुफिया विभाग ने कहा था कि संथाल परगना में बांग्लादेश के घुसपैठियों को मदरसों में टिकाया जाता है और उसके बाद उनके सरकारी दस्तावेज बनाए जाते हैं। खुफिया विभाग ने कहा था कि इस बारे में लगातार निगरानी करने और जांच के साथ ही दस्तावेजों का सत्यापन करने की जरूरत है। देखिए झारखंड खुफिया विभाग की वो चिट्ठी, जिसे बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया।

कुल मिलाकर इस बार झारखंड के आदिवासी बहुल संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा काफी गर्म है। वहीं, इस मसले पर बीजेपी के आरोपों का जवाब अभी जेएमएम और कांग्रेस की तरफ से नहीं दिया जा रहा है। अब 23 नवंबर को जब वोटों की गिनती होगी, तब पता चलेगा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर बीजेपी झारखंड विधानसभा चुनाव जीतकर हेमंत सोरेन की जेएमएम को सत्ता से बाहर करने में सफल होती है या नहीं।