गलत और पक्षपातपूर्ण जानकारी देने के लिए केंद्र सरकार का विकिपीडिया को नोटिस
नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने विकिपीडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय के द्वारा भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि ऐसा शिकायतें मिली हैं जिनके मुताबिक वीकिपीडिया के द्वारा प्रदान की गई बहुत सी जानकारी एकतरफा, पक्षपातपूर्ण और भ्रामक हैं। इतना ही नहीं केंद्र ने विकिपीडिया से यह भी पूछा है कि उसे मध्यस्थ की जगह पब्लिशर क्यों नहीं माना जाए? आपको बता दें कि विकिपीडिया को एक ऑनलाइन इनसाइक्लोपीडिया के तौर पर जाना जाता है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष या महत्वपूर्ण स्थान आदि से संबंधित जानकारी होती है।
विकिपीडिया की खास बात यह है कि इसमें किसी भी पेज पर जाकर उसमें दी गई जानकारी को एडिट किया जा सकता है या उसमें कुछ नई जानकारी जोड़नी हो तो उसे ऐड किया जा सकता है। विकिपीडिया की शुरुआत जनवरी 2001 में हुई थी। आज विकिपीडिया इंटरनेट यूज़र्स के बीच एक बहुत पॉपुलर नाम है। विकिपीडिया पर अब तक 300 से ज़्यादा भाषाओं में 6.2 करोड़ से भी अधिक आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। विकिपीडिया पर लिखी किसी भी जानकारी को कोई भी व्यक्ति चेंज कर सकता है इस कारण से विकिपीडिया पर दी गई हर इंफॉर्मेशन पूरी तरह सही नहीं मानी जाती।
विकिपीडिया में दी गई भ्रामक जानकारियों को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। समाचार एजेंसी एएनआई ने विकिपीडिया के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। एएनआई ने अपनी याचिका में यह आरोप लगाया था कि विकिपीडिया पर एएनआई के संबंध में कुछ मानहानिकारक जानकारी अपलोड की गई है। एएनआई ने इस प्रकार की जानकारी को तुंरत डिलीट करवाने का हाईकोर्ट से आग्रह किया था। इस मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने विकिपीडिया को चेतावनी भी दी थी। अब केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा विकिपीडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
