एंटी टेरर कांफ्रेंस में गृहमंत्री अमित शाह ने आतंकवाद को खत्म करने की जताई प्रतिबद्धता
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज एंटी टेरर कांफ्रेंस-2024 का उद्घाटन करते हुए देश से आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने की एक बार फिर प्रतिबद्धता जताई। गृह मंत्री ने कहा, आजादी के 75 साल बीत चुके हैं। देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की सुरक्षा बनाए रखने के लिए अब तक 36,468 पुलिस कर्मियों ने बलिदान दिया है। मैं आज उन सभी को उनके सर्वोच्च बलिदान देने के जज्बे के लिए श्रद्धांजलि देता हूं और देश की ओर से उनके परिवारों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के देश का पीएम बनने के 10 साल के भीतर भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ ठोस रणनीति अपनाई। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के उनके नारे को आज भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है। भारत के अंदर आतंकवाद से लड़ने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार हुआ है। अमित शाह ने कहा कि 26 नवंबर को हमारा संविधान दिवस है। उससे पहले मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं, नए कानून के तहत जिनको जमानत का अधिकार है, जिनको रिहाई का अधिकार है, हम एक अभियान चलाएंगे और उनकी जमानत पर रिहाई सुनिश्चित करेंगे। हमारे तीन आपराधिक कानून दुनिया में सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत हैं और लंबे समय तक इनमें किसी बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के देश का पीएम बनने के 10 साल के भीतर भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ ठोस रणनीति अपनाई। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के उनके नारे को आज भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है। भारत के अंदर आतंकवाद से लड़ने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार हुआ है। अमित शाह ने कहा कि 26 नवंबर को हमारा संविधान दिवस है। उससे पहले मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं, नए कानून के तहत जिनको जमानत का अधिकार है, जिनको रिहाई का अधिकार है, हम एक अभियान चलाएंगे और उनकी जमानत पर रिहाई सुनिश्चित करेंगे। हमारे तीन आपराधिक कानून दुनिया में सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत हैं और लंबे समय तक इनमें किसी बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी।
