उद्धव ठाकरे और शरद पवार के लिए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 चिंता बढ़ाने वाले
मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के नतीजे आ रहे हैं और ताजा रुझानों ने निश्चित तौर पर उद्धव ठाकरे और शरद पवार की चिंता बढ़ा दी होगी। ताजा रुझानों में दोनों के लिए न तो खुदा ही मिला और न विसाल-ए-सनम वाला हाल दिख रहा है। खबर लिखे जाने तक चुनाव आयोग ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उनके हिसाब से उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी और शरद पवार का एनसीपी गुट, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी से पीछे दिख रहे हैं। हालांकि, अंतिम नतीजे तो शाम तक आएंगे और तब पता चलेगा कि उद्धव ठाकरे और शरद पवार को एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने कितने जोर का झटका दिया है।
उद्धव ठाकरे ने जब 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद सीएम पद अपने लिए मांगकर बीजेपी से गठबंधन तोड़ा और कांग्रेस व शरद पवार की अविभाजित एनसीपी से गठजोड़ कर सरकार बनाई, तो लग रहा था कि ये सरकार अब 5 साल चल जाएगी। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और 2022 में एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे को झटका देकर शिवसेना तोड़ दी। एकनाथ शिंदे को चुनाव आयोग ने भी असली शिवसेना का हकदार मान लिया। अब महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के ताजा रुझानों में एकनाथ शिंदे की शिवसेना उद्धव ठाकरे को झटका दे रही है। यानी उद्धव ठाकरे का वो नैरेटिव महाराष्ट्र की जनता ने नकार दिया कि एकनाथ शिंदे ने उनकी शिवसेना हड़प ली।
यही हाल शरद पवार का भी है। उन्होंने अपने भतीजे अजित पवार के 2023 में अलग होकर एनडीए में शामिल होने के बाद लगातार दावा ठोका कि असली एनसीपी तो वही हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने अजित पवार के ही एनसीपी गुट को असली मानते हुए उसे घड़ी चुनाव चिन्ह सौंप दिया। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के रुझानों में अजित पवार भी ये साबित करते नजर आ रहे हैं कि राज्य की जनता उनकी ही एनसीपी को असली मान चुकी है। ऐसे में शरद पवार को भी मंथन करना होगा कि आखिर क्या अजित पवार को वो साथ रख पाते, तो ये हाल नहीं होता? ऐसे में अब आगे देखना होगा कि उद्धव ठाकरे और शरद पवार क्या कदम उठाते हैं। क्योंकि, महाराष्ट्र में न तो उनको सत्ता का सुख ही मिल सका और महाराष्ट्र की जनता भी उनको अपने दिल से उतारती नजर आ रही है।
