तीसरी बार सीएम बनेंगे देवेंद्र फडणवीस, सबसे कम 80 घंटे भी चला चुके हैं महाराष्ट्र की सरकार
मुंबई। बीजेपी के कद्दावर नेता देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार महाराष्ट्र के सीएम बनने जा रहे हैं। ब्राह्मण समुदाय से आने वाले देवेंद्र फडणवीस इससे पहले 2014 से 2019 तक महाराष्ट्र के सीएम रहे। जबकि, उनका दूसरा कार्यकाल 2019 में सिर्फ 80 घंटे का ही रहा था। उस वक्त अजित पवार अपने चाचा शरद पवार से बगावत कर देवेंद्र फडणवीस के साथ आए थे। हालांकि, अपने साथ वो एनसीपी के और विधायक नहीं ला सके थे। शरद पवार ने जब अजित पवार को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी, तो वो फिर देवेंद्र फडणवीस का साथ छोड़ गए थे। इस तरह महाराष्ट्र में सबसे कम वक्त की सरकार चलाने का रिकॉर्ड भी देवेंद्र फडणवीस के नाम दर्ज है।
देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र बीजेपी में कितने दमदार नेता हैं, ये 2022 में तब पता चला जब एकनाथ शिंदे ने 39 विधायकों के साथ शिवसेना में टूट कर दी। एकनाथ शिंदे कई बार ये बात मान चुके हैं कि देवेंद्र फडणवीस से बातचीत के बाद उन्होंने उद्धव ठाकरे से अलग होने का फैसला किया। देवेंद्र फडणवीस ने ऐसी बिसात बिछाई कि शिवसेना का नाम और उसका तीर-कमान का चुनाव चिन्ह उद्धव ठाकरे के हाथ से निकलकर एकनाथ शिंदे के पास आ गया। शिवसेना से एकनाथ शिंदे और उनके साथियों को अलग लाने का काम तो देवेंद्र फडणवीस ने बखूबी किया, लेकिन उनको महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम भी बनना पड़ा। इसके बाद देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी में टूट में भी अहम भूमिका निभाई। नतीजे में अजित पवार एक बार फिर साथ आए और शरद पवार को हाल में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी जोर का झटका लग गया।
एकनाथ शिंदे के गुट के साथ जब देवेंद्र फडणवीस सरकार गठन के बाद महाराष्ट्र विधानसभा पहुंचे, तो उन्होंने कहा था- मेरा पानी उतरते देख किनारे घर मत बना लेना…मैं समंदर हूं लौटकर आऊंगा…अपनी यही बात अब देवेंद्र फडणवीस ने एक बार फिर चरितार्थ कर दिखाई है और वो महाराष्ट्र के सीएम के तौर पर महायुति सरकार का नेतृत्व करने जा रहे हैं। देवेंद्र फडणवीस की महाराष्ट्र की सियासत में कितनी वैल्यू है, ये इसी से पता चलता है कि 23 नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद जब पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया, उस वक्त उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को ‘मेरे परम मित्र’ कहकर संबोधित किया था।
