नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली में 77 साल बाद शुरू हई राज्य परिवहन की बस सेवा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के नक्सल रोधी अभियान की बदौलत कभी नक्सल गतिविधियों का गढ़ माने जाने वाले महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में जिले में अब विकास और बदलाव दिखने लगा है। इसी का नतीजा है कि आज 77 सालों के बाद गढ़चिरौली में राज्य परिवहन बस सेवा की शुरूआत हुई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद गढ़चिरौली पहुंचकर बस सेवा की शुरुआत की। सीएम ने ग्रामीणों के साथ खुद भी कुछ दूर तक बस में सफर किया। इस दौरान सीएम ने कहा कि यह एक बड़ा बदलाव है जिसे हम देख सकते हैं। हमारा गढ़चिरौली जल्द ही भारत के अगले इस्पात शहर के रूप में भी जाना जाएगा।
इस दौरान सीएम ने महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर ताड़गुड़ा में पुल का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, गढ़चिरौली का यह इलाका, जहां हम खड़े हैं, वहां पहले सड़क भी नहीं थी और माओवादियों का यहां पूरा दबदबा था। आज उस दबदबे को खत्म करते हुए हमने यहां 2 बड़ी चौकियां बनाई हैं और छत्तीसगढ़ से सीधे जुड़ने वाली सड़क और पुल का निर्माण कराया है। 77 साल के बाद यहां के लोगों को राज्य परिवहन की बस देखने को मिलेगी, इसलिए मैं मानता हूं कि यह बहुत महत्वपूर्ण दिन है। हमने कहा था कि गढ़चिरौली महाराष्ट्र का आखिरी जिला नहीं होगा, यह महाराष्ट्र का पहला जिला होगा और हमने इसकी शुरुआत कर दी है।
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने कहा कि महाराष्ट्र अब नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। माओवादी कैडर के लोग पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर रहे हैं और नक्सल आंदोलन में अब युवा शामिल नहीं हो रहे हैं। गढ़चिरौली की अपनी यात्रा के दौरान, फडणवीस ने संवाददाताओं से कहा कि जिले के दूरदराज के इलाकों में नक्सलियों का प्रभुत्व समाप्त हो रहा है। उन्होंने शीर्ष नक्सली कैडरों द्वारा हथियार डालने और आत्मसमर्पण करने के कदम का स्वागत किया।
