अमेरिका में अवैध घुसपैठ करने वालों का प्रत्यर्पण शुरू
वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिका की सरकार ने अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, दक्षिण में घुसपैठ के सबसे बड़े रास्ते मेक्सिको की सीमा पर बड़ी तादाद में सैनिक तैनात किए हैं। व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया पर तस्वीर जारी की है। इस तस्वीर में एक कतार में लोग विमान में चढ़ाए जाते दिख रहे हैं। व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया पर कहा है कि ट्रंप ने अपने वादे के तहत दुनिया को कड़ा संदेश दिया है। जो भी अमेरिका में घुसपैठ करेगा, उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। इसमें ये भी बताया गया है कि अवैध प्रवासियों की वापसी शुरू हो गई है। जानकारी के मुताबिक अमेरिका के पड़ोसी ग्वाटेमाला के 160 अवैध प्रवासियों को वापस भेजा गया है।
वहीं, मेक्सिको की सीमा पर 1500 जवान तैनात किए गए हैं। इनमें 500 मरीन भी हैं। व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया पर इसका भी वीडियो जारी किया है। मेक्सिको की सीमा पर पहले से ही 2500 सैनिकों की तैनाती थी। यानी अब अमेरिका ने मेक्सिको की सीमा पर 4000 जवानों की तैनाती की है। इसके अलावा यहां जबरन अवैध घुसपैठ करने की कोशिश को रोकने के लिए टैंक और हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं। अमेरिका में अवैध प्रवासियों की पहचान तेजी से की जा रही है। बीते दिनों ही अमेरिका में अप्रवास विभाग ने पुलिस के साथ कार्रवाई करते हुए सड़क पर घूम रहे बांग्लादेश के 4 नागरिकों को पकड़ा था। अमेरिका में अस्थायी तौर पर रहने वाले विदेशी मूल के लोगों से कहा गया है कि कानून प्रवर्तन करने वाली एजेंसियों की मांग पर वो अपनी रिहाइश और अमेरिका प्रवेश के दस्तावेज पेश करें।
डोनाल्ड ट्रंप हमेशा ही अमेरिका में अवैध घुसपैठ के खिलाफ रहे हैं। ट्रंप जब पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे, उस वक्त भी उन्होंने अवैध प्रवासियों को रोकने के लिए कदम उठाए थे। उस वक्त डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और मेक्सिको की सीमा पर दीवार खड़ी कराई थी। इसके खिलाफ तब आवाज उठी भी थी। इस बार भी अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में ही ट्रंप ने साफ कह दिया था कि अगर वो जीते, तो एक-एक अवैध घुसपैठिए को अमेरिका से बाहर निकालेंगे। इसी के तहत 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने एक्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर भी किए थे।
