‘अरविंद केजरीवाल और इंडी गठबंधन के दलों ने…’, कांग्रेस नेता अजय माकन ने बताया क्यों बढ़ी सहयोगियों से दूरी
नई दिल्ली। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के दौरान दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी से सीटों का बंटवारा किया था, लेकिन अब दिल्ली में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, तो कांग्रेस अपने सहयोगी के खिलाफ ही चुनावी मैदान में उतरी है। यही नहीं, कांग्रेस के नेता राहुल गांधी जनसभाओं में अरविंद केजरीवाल पर लगातार निशाना साधते रहे। आखिर कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल के बीच कुछ महीनों में ही दूरियां क्यों बढ़ गई? इसका खुलासा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और राहुल गांधी के करीबी अजय माकन ने न्यूज एजेंसी एएनआई से इंटरव्यू में किया है।
अजय माकन ने एएनआई को बताया कि दिल्ली में चुनावी गठबंधन के लिए कांग्रेस की अरविंद केजरीवाल से बातचीत हुई थी। इससे पहले हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी सीटों पर समझौते के लिए अरविंद केजरीवाल से बात की थी। हरियाणा में अरविंद केजरीवाल 4 की जगह 6 सीट मांग रहे थे। अजय माकन ने कहा कि इस पर कांग्रेस की ओर से कहा गया कि स्थानीय नेताओं से बात कर इस पर फैसला करेंगे। कांग्रेस सांसद ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर आए, तो एकतरफा तौर पर हरियाणा की सभी 90 सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाने का एलान कर दिया। फिर दिल्ली में भी अरविंद केजरीवाल ने ऐसा ही किया। अजय माकन ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस की पीठ पर छुरा घोंपा है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में इंडी गठबंधन के दलों की ओर से समर्थन न मिलने के बारे में अजय माकन ने कहा कि हमने अपने गठबंधन की सभी पार्टियों से बात की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। कांग्रेस नेता ने कहा कि हमने गठबंधन के दलों से तटस्थ रहने के लिए कहा, लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ। गठबंधन के दलों ने बात नहीं मानी और अरविंद केजरीवाल की पार्टी के साथ खड़े हो गए। अजय माकन के बयान से साफ है कि इंडी गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं है। बता दें कि जब कांग्रेस ने हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव हारा, तो इंडी गठबंधन की तरफ से उसके मुखालिफत में आवाजें उठी थीं। ममता बनर्जी ने कहा था कि वो गठबंधन की कमान संभालने के लिए तैयार हैं। ममता बनर्जी के पक्ष में लालू यादव, शरद पवार, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव के साथ उद्धव ठाकरे भी खड़े दिखे थे।
