क्या होती है लिम्फैटिक फाइलेरियासिस बीमारी? जिसे जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुरू किया अभियान
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लिम्फैटिक फाइलेरियासिस बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। मुख्य रूप से 13 राज्यों में फैले लिम्फैटिक फाइलेरियासिस को खत्म करने के लिए नेशनल मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान की शुरुआत की गई है। लिम्फैटिक फाइलेरियासिस को आम भाषा में हाथी पांव की बीमारी कहा जाता है। इसमें पीड़ित व्यक्ति के एक पैर हाथी में ऊपर से नीचे तक सूजन आ जाती है और वो हाथी के पैर की तरह दिखने लगता है। यह बीमारी मुख्य रूप से गंदे पानी में पाए जाने वाले मच्छरों के कारण फैलती है।
नेशनल मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान की शुरुआत करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, हमने लिम्फैटिक फाइलेरियासिस को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया है। आज उस संकल्प की पुष्टि के लिए हम जुड़े हैं। लिम्फैटिक फाइलेरियासिस गंदे पानी में पाए जाने वाले मच्छरों के कारण हो सकता है। यह एलिफेंटियासिस का प्रमुख कारण बनता है और हम इसे पूरी तरह से खत्म करने के बहुत करीब आ गए हैं।
उन्होंने कहा, जैसा कि मैंने उल्लेख किया है, हमारी चुनौती अब अंतिम स्तर तक पहुंच है। इस अंतिम मील की चुनौती में, हमारे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर स्कूलों और अन्य लक्षित क्षेत्रों में जाकर मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन करना चाहिए और सीधे उपचार का निरीक्षण करना चाहिए, यह बहुत फायदेमंद होगा। हमारा लक्ष्य इस बीमारी को रोकना है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह बीमारी अब भविष्य में आगे न फैले।
स्वास्थ्य मंत्री बोले, हमारी पहली प्राथमिकता मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन है। मैं मंत्रियों से व्यक्तिगत रूप से समीक्षा बैठक करने का अनुरोध करता हूं ताकि यह आकलन किया जा सके कि इस पखवाड़े में कितना मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन किया गया है और कितने लोगों ने लिम्फैटिक फाइलेरियासिस की दवा ली है।
