अमेरिका में अवैध प्रवासियों की मुश्किल और बढ़ने के आसार, डोनाल्ड ट्रंप अब ले सकते हैं ये बड़ा फैसला
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अवैध प्रवासियों पर और सख्त रुख अपनाने जा रहे हैं। ताजा खबर के मुताबिक अमेरिका के इंडियाना राज्य की हैमिल्टन काउंटी में पुलिस को नए अधिकार दिए जा सकते हैं। ताकि पुलिस अवैध प्रवासियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी कर सके। हैमिल्टन काउंटी के अफसरों के मुताबिक जो बाइडेन की सरकार के दौरान भी वे आव्रजन यानी इमिग्रेशन लागू कराने वाले अफसरों के साथ काम करना चाहते थे, लेकिन तब इस बारे में ध्यान नहीं दिया गया। अब वे ट्रंप प्रशासन की योजना में शामिल होना चाहते हैं। ये नियम अमेरिका के सभी राज्यों में पुलिस को विशेष अधिकार देते हैं। साल 1996 में ये योजना शुरू हुई थी, लेकिन बाद में इसे सीमित किया गया।
इस बीच, फ्लोरिडा राज्य के गवर्नर रॉन डेसांटिस ने कहा है कि राज्य में हाइवे पेट्रोलिंग करने वाली पुलिस अब आव्रजन अफसरों के साथ मिलकर अवैध प्रवासियों को पकड़ेगी और उनको संघीय अफसरों को सौंपेगी। डेसांटिस ने कहा कि इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सबसे बड़ी निर्वासन योजना को लागू करने में मदद मिलेगी। अमेरिका से अवैध प्रवासियों को उनके देश भेजने के डोनाल्ड ट्रंप के आदेश की आलोचना भी हो रही है। अमेरिका प्रवासन परिषद की निदेशक नयना गुप्ता ने मीडिया से कहा कि ट्रंप की ये योजना नस्लीय भेदभाव को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासियों को वापस भेजने का आदेश कानून के हिसाब से लोगों को निशाना भी बनाता है। इस बारे में पहले भी शिकायत की गई थी।
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि अगर वो चुने जाते हैं, तो अमेरिका से सभी अवैध प्रवासियों को निकाल बाहर करेंगे। राष्ट्रपति पद संभालने के साथ ही ट्रंप ने अवैध प्रवासियों को निकालने वाले आदेश पर दस्तखत किए थे। इसके साथ ही भारत समेत तमाम देशों के अवैध प्रवासियों को अमेरिका से निकाला जाने लगा। अवैध प्रवासियों के मसले पर अमेरिका और कोलंबिया के बीच तनातनी भी देखने को मिली थी। बीते दिनों ही भारत के 104 अवैध प्रवासियों को ट्रंप सरकार ने वापस भेजा था। कई और देशों के अवैध प्रवासी भी अमेरिका वापस भेज चुका है।
