नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात से पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन को लगेगी मिर्ची
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात सिर्फ भारत और अमेरिका के लिए ही नहीं बल्कि वैश्विक लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यही कारण है कि भारत और अमेरिका के अलावा अन्य देश भी मोदी-ट्रंप की मीटिंग पर नजर गड़ाए हुए थे। मोदी और ट्रंप ने आतंकवाद के खात्मे समेत कई मुद्दों पर एकजुटता दिखाई। इस द्विपक्षीय बातचीत में कुछ ऐसी भी हुईं जिनको लेकर पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन को मिर्ची लग जाएगी। आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
मोदी और ट्रंप के बीच हुई बातचीत के बाद विदेश मंत्रालय की ओर जारी किए गए संयुक्त बयान के मुताबिक इसमें पाकिस्तान को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उसकी धरती का इस्तेमाल आतंकवाद को पनपने, आतंकियों को बढ़ावा देने और दूसरे देशों में आतंकी हमलों के लिए ना हो। साथ ही पाकिस्तान से 26/11 मुंबई हमले और पठानकोट हमले में शामिल आतंकवादियों को जल्द सजा देने की बात कही गई है। वहीं, बांग्लादेश में हिंसा और अल्पसंख्यकों पर हमलों के मामले में भी मोदी और ट्रंप के बीच बातचीत हुई। बांग्लादेश के हालात पर अमेरिकी हस्तक्षेप को लेकर पत्रकार के सवाल पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, मैं बांग्लादेश को प्रधानमंत्री मोदी के हाथों में छोड़ता हूं। ट्रंप बोले, यह एक ऐसा मसला है जिस पर प्रधानमंत्री मोदी लंबे समय से काम कर रहे हैं। मैं वहां के बारे में पढ़ रहा हूं और वहां डीप स्टेट की कोई भूमिका नहीं है।
उधर टैरिफ को लेकर एक पत्रकार ने ट्रंप से पूछा ‘अगर आप भारत के साथ व्यापार पर सख्त रुख अपनाएंगे तो चीन से कैसे लड़ेंगे? इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड बोले, हम किसी को भी हराने के लिए बहुत अच्छी स्थिति में हैं। लेकिन हम किसी को हराने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, हमारा ध्यान बेहतर काम पर है। हमने अमेरिकी लोगों के लिए शानदार काम किया है।
