अब बिहार को जीतने के लिए बीजेपी और एनडीए ने शुरू की तैयारी, रविवार को पीएम मोदी से मिलेंगे सीएम नीतीश कुमार
नई दिल्ली। लोकसभा के बाद हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के भी विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। केंद्र में लगातार तीसरी बार मोदी सरकार बैठी है। वहीं, हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और एनडीए ने जबरदस्त प्रदर्शन कर जीत हासिल की है। इसके साथ ही अब एनडीए और बीजेपी ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है। बिहार विधानसभा का चुनाव जीतने के लिए एनडीए के दो बड़े नेताओं पीएम नरेंद्र मोदी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार की रविवार को बैठक होने जा रही है। नीतीश कुमार ने हाल ही में बिहार के कई इलाकों का दौरा किया था और लोगों को एनडीए सरकार की उपलब्धियां बताई थीं।
बिहार में इसी साल नवंबर में विधानसभा के चुनाव होने हैं। बिहार में 2020 में हुए विधानसभा चुनाव और बाद में कई सीट पर हुए उपचुनाव के बाद बीजेपी के विधायकों की संख्या 80 और सहयोगी जेडीयू के विधायकों की संख्या 45 है। वहीं, लालू यादव की आरजेडी के विधायकों की मौजूदा संख्या 77 है। सीपीआई-एमएल के 11 विधायक हैं। बिहार विधानसभा में कांग्रेस के 19, सीपीएम और सीपीआई के 2-2 और एआईएमआईएम का एक विधायक है। बिहार विधानसभा में कुल सीट की संख्या 243 है। यानी यहां बहुमत के लिए 124 विधायक होने जरूरी हैं। बिहार विधानसभा का पिछला चुनाव बीजेपी और जेडीयू ने मिलकर जीता था। हालांकि, कुछ समय सीएम नीतीश कुमार फिर आरजेडी के नेतृत्व वाले विपक्ष के साथ चले गए थे। बाद में फिर बीजेपी के साथ आए और बिहार में सरकार बनाई।
बिहार विधानसभा का चुनाव विपक्ष के साथ ही एनडीए और बीजेपी के लिए बहुत अहम है। एक तरफ बीजेपी और एनडीए बिहार विधानसभा का चुनाव जीतकर अपना दबदबा कायम रखना चाहते हैं। वहीं, आरजेडी और उसके सहयोगी दलों का इरादा बिहार विधानसभा का चुनाव जीतकर बीजेपी को जोर का झटका देने का है। आरजेडी के सुप्रीमो लालू यादव ने बीते दिनों बयान दिया कि उनके रहते बिहार में बीजेपी की सरकार नहीं बनेगी। इस पर बीजेपी के नेताओं ने पलटवार किया और कहा कि बिहार में लालू के दौर में जंगलराज को जनता भूली नहीं है और विपक्ष को फिर जोरदार पटकनी मिलेगी। एक और अहम चर्चा भी बिहार में हो रही है कि कांग्रेस के नेता चाहते हैं कि वे अकेले ही बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ें और आरजेडी के साथ गठबंधन न करें। हालांकि, इस पर कांग्रेस आलाकमान ही फैसला लेगा।
