कठमुल्लापन की संस्कृति नहीं चलेगी, विधानसभा में योगी आदित्यनाथ की विपक्ष को दो टूक
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में एक बार फिर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। महाकुंभ की बात करते हुए सीएम बोले, प्रयागराज ने देश के उन लोगों को आईना दिखाने का काम किया है, जो भारत और भारतीयता को, सनातन परंपरा को अक्सर कटघरे में खड़ा करने का प्रयास करते थे। हमारे विपक्षी दल पहले किसी चीज का उपहास करते हैं, विरोध करते हैं, चर्चा से भागने का प्रयास करते हैं और अंततः उसको स्वीकृति भी देने के लिए तत्पर होते हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (अखिलेश यादव) भी महाकुंभ स्नान करके आ गए, यह उनकी स्वीकृति का ही प्रमाण है। योगी बोले विपक्ष के नेता कहते हैं- प्रयागराज में संगम के किनारे अकबर का किला है। वहां अक्षय वट पहले से है या किला? उन्होंने कहा, हम तो परंपरागत मुल्ला और मौलवी बनाने की बजाय बच्चों को वैज्ञानिक बनाना चाहते हैं। कठमुल्लापन की संस्कृति नहीं चलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश में केवल 17 मेडिकल कॉलेज गवर्नमेंट क्षेत्र में बन पाए थे, आज हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज के निर्माण के कार्यक्रम को डबल इंजन की सरकार ने आगे बढ़ाया है। हमारी सरकार का सौभाग्य है कि हम लोगों ने सामाजिक न्याय से जुड़े सभी पुरोधाओं को सम्मान देने का काम किया है।
योगी आदित्यनाथ ने सपा को घेरते हुए कहा, क्या आपका पीडीए ढोंग नहीं है। मैंने आपके सामने इंसेफेलाइटिस की चर्चा की। जिन बच्चों ने इंसेफेलाइटिस से अपनी जान गंवाई – आप उन्हें जाति के आधार पर वर्गीकृत कर सकते हैं क्यों कि अनुसूचित जाति और वंचितों के प्रति आपकी मानसिकता में हमेशा एक तरह का आरक्षण रहा है, जिसे मैं स्वीकार कर सकता हूं। लेकिन आपने अल्पसंख्यकों को अपना वोट बैंक माना। दूसरी ओर, हमने उन्हें राज्य के बच्चों के रूप में देखा, एक हिस्से के रूप में। हमने उनकी जाति, धर्म या आस्था पर विचार किए बिना उनकी जिम्मेदारी ली। हमारा मानना था कि ये उत्तर प्रदेश के बच्चे हैं, उत्तर प्रदेश का भविष्य हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर बचाया जाना चाहिए।
