June 25, 2026

Hind foucs news

hindi new update

तुर्कमेनिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत को अमेरिका पहुंचने पर कर दिया गया डिपोर्ट, आव्रजन अफसरों ने वीजा के बावजूद नहीं दिया प्रवेश

वॉशिंगटन। अमेरिका और पाकिस्तान के बीच राजनयिक स्तर पर तनातनी के आसार हैं। इसकी वजह तुर्कमेनिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत केके अहसान वगान बने हैं। अहसान वगान निजी यात्रा पर अमेरिका पहुंचे थे, लेकिन वहां आव्रजन अधिकारियों ने उनको प्रवेश नहीं दिया। इतना ही नहीं, वगान को अमेरिका से डिपोर्ट कर दिया गया। इस मामले की जानकारी अमेरिका में पाकिस्तान के दूतावास की तरफ से अपने देश के विदेश मंत्री इशाक डार और विदेश सचिव अमीना बलोच को दी गई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका स्थित अपने दूतावास से इस मामले में और जानकारी देने के लिए कहा है।

जानकारी के मुताबिक तुर्कमेनिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत केके अहसान वगान के पास अमेरिका का वैध वीजा था। वो निजी यात्रा पर लॉस एंजेलेस जा रहे थे। अमेरिका में फ्लाइट से उतरने के बाद वगान आव्रजन के लिए जब गए, तो उनकी यात्रा पर अमेरिका के अफसरों ने आपत्ति जता दी। पाकिस्तान के राजदूत को अमेरिका प्रवेश से रोकने के बाद उनको होल्डअप एरिया में बिठाया गया। जिसके बाद अगली फ्लाइट से उनको पाकिस्तान डिपोर्ट यानी प्रत्यर्पण कर दिया गया। अभी ये जानकारी नहीं मिली है कि अमेरिका के आव्रजन अफसरों को पाकिस्तान के राजदूत की यात्रा पर किस तरह की आपत्ति थी। बताया जा रहा है कि अमेरिका स्थित दूतावास से पूरी जानकारी मिलने के बाद पाकिस्तान की सरकार अपने यहां अमेरिका के राजदूत को तलब करने वाली है।

केके अहसान वगान पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनयिक हैं। वह अमेरिका के लॉस एंजेलेस में पाकिस्तान के कौंसुलेट में डिप्टी कौंसुल जनरल के पद पर भी रहे हैं। अहसान वगान मस्कट में पाकिस्तान के राजदूत पद पर भी रहे। साथ ही वो नाइजर और काठमांडू स्थित पाकिस्तान के दूतावासों में भी अहम पदों पर रहे हैं। फिलहाल अहसान वगान तुर्कमेनिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत पद को संभाल रहे हैं। अमेरिका ने उनको प्रवेश क्यों नहीं दिया, इस पर ट्रंप प्रशासन के विदेश मंत्रालय के बयान की अपेक्षा की जा रही है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करने का काम शुरू किया है, लेकिन पाकिस्तानी राजनयिक के साथ अवैध प्रवास जैसा मामला भी नहीं बनता। ऐसे में उनको प्रवेश न मिलने पर हैरत जताई जा रही है।