कौन हैं जस्टिस यशवंत वर्मा, जिनके घर पर बड़ी मात्रा में मिला है कैश? जानिए उनके बारे में सब कुछ
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा के सरकारी बंगले पर किसी कारण से आग लग गई। दमकलकर्मी ने आग तो बुझा दी मगर जब वो नुकसान का मुआयना कर रहे थे तो एक कमरे में उन्हें बड़ी मात्रा में नकदी मिली। इसके बाद आलाधिकारियों को इस बात की जानकारी दी गई और जज के मकान से कैश बरामदगी का खुलासा हुआ। जिस वक्त बंगले में आग लगी जस्टिस यशवंत वर्मा वहां मौजूद नहीं थे। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने इस मामले को संज्ञान में लेते कॉलेजियम से उनका तबादला इलाहाबाद हाईकोर्ट किए जाने की सिफारिश की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी जानकारी दे दी गई है और जस्टिस वर्मा के इस्तीफे और उनके खिलाफ महाभियोग की भी मांग उठ रही है।
जस्टिस यशवंत वर्मा दिल्ली हाईकोर्ट में तैनाती से पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज थे जो उनका मूल हाई कोर्ट भी है। 2014 में वो इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज बने थे। इसके बाद साल 2021 में उनका तबादला दिल्ली हाईकोर्ट किया गया था। दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज से बीकॉम (ऑनर्स) करने के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश की रीवा यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट से ही वकालत की शुरुआत की थी। 2006 से वो हाई कोर्ट के विशेष वकील रहे। आगे चलकर साल 2012 में उन्हें यूपी सरकार का मुख्य स्थायी अधिवक्ता बनाया गया। अगस्त 2013 में उन्हें सीनियर एडवोकेट का दर्जा मिला। जस्टिस वर्मा ने अपने अभी तक के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण फैसले सुनाए हैं।
कॉलेजियम की बुलाई गई बैठक
जस्टिस यशवंत वर्मा के घर से कैश बरामदगी मामले के सामने आने के बाद न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई जस्टिस संजीव खन्ना ने इस मामले में 5 वरिष्ठतम जजों की कॉलेजियम की बैठक बुलाई है इसमें वो खुद भी शामिल हैं। कॉलेजियम में इस बात पर भी चर्चा होगी कि जस्टिस वर्मा के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए।
