वक्फ संशोधन बिल पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने दी चेतावनी, कहा- थोपा गया तो दिल्ली से लेकर देशभर में…
नई दिल्ली। मोदी सरकार वक्फ कानून में संशोधन करना चाहती है। इसके लिए वक्फ संशोधन बिल लाया गया है। वक्फ संशोधन बिल का कई मुस्लिम संगठन जैसे मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल, मुस्लिम महिला बौद्धिक समूह, पसमांदा मुस्लिम महाज और जमीयत हिमायत-उल-इस्लाम समर्थन कर रहे हैं। जबकि, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीयत उलेमा-ए-हिंद और असदुददीन ओवैसी विरोध कर रहे हैं। इन मुस्लिम संगठनों और नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार वक्फ संशोधन बिल के जरिए मुसलमानों की वक्फ संपत्ति पर कब्जा करना चाहती है। अब असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने वक्फ संशोधन बिल पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमई ने एक्स पर पोस्ट कर वक्फ संशोधन बिल के बारे में अपनी पार्टी के रुख का खुलासा किया है। ओवैसी की पार्टी के नेता ने पोस्ट में लिखा है कि अगर वक्फ संशोधन बिल को जबरन मुसलमानों पर थोपा गया, तो दिल्ली से आंदोलन शुरू होगा और ये आंदोलन देशभर में किया जाएगा। शोएब जमई ने आगे लिखा है कि आंदोलन के लिए एआईएमआईएम अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करेगी। ओवैसी की पार्टी के नेता ने लिखा है कि संविधान में अल्पसंख्यकों को दिए हक पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लिखा है कि जहां पिछली बार आंदोलन खत्म हुआ था, वहीं से फिर इसकी शुरुआत होगी।
वक्फ संशोधन बिल का विरोध करने वाले मुस्लिम संगठनों और असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं का ये भी आरोप है कि वक्फ बोर्डों में गैर मुस्लिम सदस्य रखे जाने का प्रावधान क्यों किया जा रहा है। वक्फ बिल का विरोध करने वालों का ये भी कहना है कि मोदी सरकार असंवैधानिक तरीका अपना रही है। वहीं, मोदी सरकार की तरफ से गृहमंत्री अमित शाह और किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल का विरोध करने वालों पर जोरदार पलटवार किया है। शाह ने जहां कहा कि वक्फ बिल का विरोध करने वाले मुसलमानों को गुमराह कर रहे हैं। वहीं, किरेन रिजिजू ने कहा है कि विपक्षी दल वोटबैंक बचाने के लिए झूठ बोल रहे हैं और विरोध करने वाले मुस्लिम संगठन और नेताओं ने वक्फ की करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा कर रखा है।
