वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा में पेश, जानिए विधेयक पास कराने को लेकर क्या है सरकार की रणनीति
नई दिल्ली। वक्फ संशोधन बिल को लोकसभा से पास होने के बाद आज राज्यसभा में पेश किया गया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बिल को उच्च सदन के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मैं चर्चा शुरू होने से पहले यह कहना चाहता हूं कि सभी सदस्य सदन की गरिमा को बनाए रखें। रिजिजू ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वक्फ संशोधन बिल मुसलमानों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता है। 1 करोड़ से ज्यादा लोगों ने बिल पर अपने सुझाव दिए हैं और सभी पक्षों से बातचीत के बाद बिल तैयार हुआ है।
लोकसभा में तो सरकार ने बहुमत से वक्फ संशोधन विधेयक को पास करा लिया मगर राज्यसभा में सरकार के पास बहुमत नहीं है। ऐसे में सरकार खास रणनीति के तहत विधेयक को उच्च सदन से पास कराना चाहती है। राज्यसभा के कुल 236 सदस्यों में विधेयक को पास कराने के बहुमत 119 का है। उच्च सदन में बीजेपी के 98 सांसद हैं वहीं सहयोगी दलों के सदस्यों को मिला लिया जाए तो एनडीए के कुल 115 सांसद हैं। इस तरह से सरकार के पास बहुमत से 4 सदस्य कम हैं। ऐसे में सरकार की नजर मनोनीत सांसदों पर है। राज्यसभा में 6 मनोनीत सांसद हैं। अगर इनमें से 4 भी वक्फ संशोधन बिल के समर्थन में वोट कर देते हैं तो यह विधेयक पास हो जाएगा।
लोकसभा के बाद आज राज्यसभा में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच बिल पर चर्चा के दौरान गहमा गहमी देखने को मिल सकती है। माना जा रहा है कि सरकार चाहती है कि लोकसभा की तरह ही राज्यसभा से भी वो आज ही बिल को पास करा ले ताकि जल्द से जल्द इसे कानून के रूप में लागू किया जा सके। बता दें कि बुधवार को दिन भर चली चर्चा के बाद देर रात लगभग 2 बजे लोकसभा से वक्फ संशोधन बिल पास हुआ। बिल के पक्ष में 288 जबकि विपक्ष की ओर से विरोध में 232 वोट पड़े।
