महाराष्ट्र के नासिक में अवैध दरगाह गिराने पहुंची नगर निगम टीम और पुलिस पर भीड़ ने बोला हमला
नासिक। महाराष्ट्र के नासिक के द्वारका इलाके में मंगलवार रात को एक अवैध दरगाह को गिराने की कोशिश के दौरान बवाल हो गया। दरगाह को जब गिराया जा रहा था, उस वक्त इलाके में बिजली गुल थी। इसकी आड़ में भीड़ ने नासिक नगर निगम के कर्मचारियों और पुलिस पर पथराव किया। इस पथराव में नासिक नगर निगम के 4 अफसर और 11 पुलिसकर्मी घायल हुए। भीड़ की तरफ से हुई हिंसा में 5 वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। नासिक नगर निगम ने 1 अप्रैल को नोटिस जारी कर दरगाह को अवैध बताया था और इसे 15 दिन में खुद हटाने का वक्त देखरेख करने वालों को दिया था। जब उन्होंने दरगाह नहीं हटाई, तो पुलिस की मदद लेकर नासिक नगर निगम कर्मचारी इसे गिराने गए थे।
नासिक पुलिस के मुताबिक दरगाह को गिराए जाने के दौरान मंगलवार आधी रात को भीड़ इकट्ठा हो गई और हिंसा शुरू कर दी। इसकी वजह एक अफवाह रही। पुलिस के मुताबिक मौके पर 400 से ज्यादा लोग इकट्ठा हो गए थे। मौके पर पुलिस के भी 500 जवान थे, लेकिन भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद स्थिति को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठियां चलानी पड़ीं। फिलहाल मौके पर बड़ी तादाद में पुलिस तैनात है। पथराव और हिंसा के आरोपियों को पुलिस तलाश रही है। इससे पहले 22 फरवरी 2025 को ही नासिक नगर निगम ने कई अवैध धार्मिक स्थलों को हटाया था। एक कोर्ट ने भी फैसला सुनाया था कि दरगाह अवैध है और उसे हटाना चाहिए।
कोर्ट के आदेश पर ही नासिक नगर निगम की टीम दरगाह को हटाने गई थी। फरवरी में सकल हिंदू समाज संगठन ने दरगाह को गिराने और इसकी जगह हनुमान मंदिर बनाने की मांग की थी। संगठन ने 22 फरवरी को बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना भी बनाई थी। तब पुलिस ने हिंसा की आशंका में कर्फ्यू लगाया था। इसक अलावा हिंदू संगठन के कई नेताओं को भी हिरासत में लिया गया था।
