सुकमा में 33 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, बीजापुर में 22 कुख्यात नक्सली गिरफ्तार, बडेसेट्टी पंचायत पूरी तरह नक्सलमुक्त
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में जारी नक्सलरोधी अभियान में आज एक बार फिर सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बीजापुर जिले में विभिन्न ऑपरेशन्स में कोबरा कमांडो और छत्तीसगढ़ पुलिस ने 22 कुख्यात नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से कई आधुनिक हथियार और विस्फोटक सामग्रियों का जखीरा भी बरामद हुआ है। दूसरी तरफ सुकमा में 33 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें 9 महिला नक्सली भी शामिल हैं। इन नक्सलियों पर 8 लाख रुपए से लेकर 50 हजार तक का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली मुचाकी जोगा और उसकी पत्नी मुचाकी जोगी पर सबसे ज्यादा 8-8 रुपए का इनाम घोषित था। इसी तरह नक्सली किकिड़ देवे और मनोज उर्फ दूधी बुधरा पर 8-8 रुपए का इनाम था। इनकी साथी माड़वी भीमा, माड़वी सोमड़ी, संगीता, माड़वी कोसी, वंजाम सन्नी, माड़वी मंगली और ताती बंडी पर 2-2 लाख रुपए का इनाम घोषित था। एक अन्य नक्सली पुनेम जोगा पर 50 हजार रुपए का इनाम था।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलरोधी अभियान के तहत नक्सलियों की गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए शेयर की है। उन्होंने बताया कि सुकमा की बडेसेट्टी पंचायत में 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है इसी के साथ बडेसेट्टी पंचायत पूरी तरह नक्सलमुक्त हो गई है। वही सुकमा में ही अन्य 22 नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया है।
गृहमंत्री ने कहा कि नक्सलमुक्त भारत अभियान की दिशा में इस सफलता के लिए मैं सुरक्षा बल के जवानों और छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई देता हूँ। इसी के साथ उन्होंने छिपे हुए नक्सलियों से अपील करते हुए कहा है कि मोदी सरकार की आत्मसमर्पण नीति को अपनाकर यथाशीघ्र हथियार डाल दें और मुख्यधारा में शामिल हो जाएं। गृहमंत्री ने 31 मार्च 2026 से पहले देश को नक्सलवाद के दंश से मुक्त करने के संकल्प को एक बार फिर से दोहराया है।
