पाकिस्तान पर सख्त कार्रवाई की देशभर में उठी मांग, देश लौटते ही पीएम मोदी ने की बैठक
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई। 17 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में देश की अहम खुफिया एजेंसियों में से एक इंटेलिजेंस ब्यूरो के अफसर मनीष रंजन भी हैं। मनीष रंजन की हत्या आतंकियों ने उनकी पत्नी और बच्चों के सामने कर दी। मनीष रंजन हैदराबाद में तैनात थे।
बताया जा रहा है कि आईबी के 9 अफसर अपने परिवार के साथ पहलगाम आए थे। ऐसे में ये सवाल उठ रहा है कि क्या आतंकियों को इनके बारे में पता चल गया था और इसी वजह से ये बड़ा हमला हुआ? आतंकी हमले में आईबी अफसर के अलावा भारतीय नौसेना के अफसर लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की भी जान गई। उनकी शादी 16 अप्रैल को हुई थी और वो पत्नी के साथ हनीमून मनाने पहलगाम आए थे। सऊदी अरब का दौरा बीच में ही रद्द कर भारत लौटे पीएम नरेंद्र मोदी ने एनएसए अजित डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अलावा विदेश सचिव विक्रम मिसरी व अन्य अफसरों के साथ तुरंत एक बैठक भी की।
पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में लोग नाराज हैं। खासकर पाकिस्तान के खिलाफ माहौल बन गया है। पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकियों के हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में आज सभी स्कूल-कॉलेज बंद हैं। वहीं, सेना, केंद्रीय बल के जवान और जम्मू-कश्मीर पुलिस के दस्तों ने इलाकों को घेर रखा है। ताकि हमला करने वाले आतंकी भाग न सकें। हेलीकॉप्टर और ड्रोन की मदद से जंगल में छिपे आतंकियों की तलाश की जा रही है। घटना के बाद ही यहां आसपास तैनात सुरक्षाबलों के जवान मौके पर पहुंच गए थे और आतंकियों की तलाश शुरू कर दी गई थी। रात होने के कारण आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन रोका गया। पौ फटते ही जवानों ने पहलगाम नरसंहार के जिम्मेदार आतंकियों की फिर तलाश शुरू की है।
पहलगाम में हमला कर आतंकियों ने सुरक्षाबलों को बड़ी चुनौती दी है। इसकी वजह अमरनाथ यात्रा है। अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है और पहलगाम के रास्ते ही श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा पर जाते हैं। ऐसे में इस भीषण आतंकी हमले के बाद ये भी देखना है कि इलाके में और कितने आतंकी छिपे हैं। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद कभी 3 तो कभी 5 और कभी 10 आतंकियों के होने की बात सामने आई। ऐसे में सुरक्षाबल ये भी पुख्ता कर रहे हैं कि आखिर कितने आतंकियों ने मौके पर पहुंचकर इतने लोगों की जान ली। ये जांच भी हो रही है कि आखिर इस टूरिस्ट स्पॉट पर दर्जनों लोग थे, तो सुरक्षा का घेरा क्यों नहीं रखा गया।
