ब्रजेश पाठक और अखिलेश यादव के बीच जारी डीएनए विवाद पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा प्रमुख को दी नसीहत
नई दिल्ली। यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बीच डीएनए को लेकर की गई टिप्पणी पर कुछ दिनों से विवाद जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव को नसीहत दी है। योगी ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, यद्यपि समाजवादी पार्टी से किसी आदर्श आचरण की अपेक्षा करना व्यर्थ है, किंतु सभ्य समाज उनके अशोभनीय एवं अभद्र वक्तव्यों को सहन नहीं कर सकता। समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को चाहिए कि वे अपने सोशल मीडिया हैंडल्स की भली भांति समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि वहां प्रयुक्त भाषा मर्यादित, संयमित और गरिमापूर्ण हो।
इस मामले में ब्रजेश पाठक ने अपने वकील के माध्यम से समाजवादी पार्टी को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया से अपनी पोस्ट को डिलीट करें और माफी मांगें। अगर 15 दिन में ऐसा नहीं किया तो मानहानि का मामला दाखिल किया जाएगा। दरअसल ब्रजेश पाठक ने हाल ही में बयान देते हुए कहा था कि सपा का डीएनए ही खराब है। इस बयान पर पलटवार करते हुए समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल की ओर से ब्रजेश पाठक के डीएनए को लेकर आपत्तिजनक कमेंट सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया। इसमें ब्रजेश पाठक की मां के लिए भी अपमानजनक बाते लिखी गईं। इसके बाद तो इस मामले ने तूल पकड़ लिया।
बाद में अखिलेश यादव ने भी इस मामले में लंबी चौड़ी पोस्ट लिखी थी। उन्होंने ब्रजेश पाठक के लिए लिखा था कि आप जिस स्तर के बयान देते हैं वो भले आपको अपने व्यक्तिगत स्तर पर उचित लगते हों लेकिन आपके पद की मर्यादा और शालीनता के पैमाने पर किसी भी तरह उचित नहीं ठहाराये जा सकते हैं। इसके जवाब में ब्रजेश पाठक ने कहा था कि अखिलेश यादव जी, आप डीएनए के सवाल पर बहुत भड़के हुए हैं। मैंने ये कह क्या दिया कि समाजवादी पार्टी के डीएनए में ख़राबी है, आप आपे से उसी तरह बाहर हो गए जैसे दस साल पहले यूपी की सत्ता से बाहर हो गए थे। आप इस बात को समझिए कि डीएनए में खराबी से हमारा मतलब किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि आपकी पार्टी की राजनीतिक सोच से है।
